…अभी मरने-जीने की छोड़ो, ‘जरा मुस्कराओ…इंडिया के लोगों, इंडिया गेट आओ’

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डॉ. मनोज कुमार तिवारी/रिपोर्ट4इंडिया।

“मोदी सरकार के दो साल हो गए हैं। तीसरे साल की शुरुआत कल से हो जाएगी। इस मौके पर देश के विभिन्न शहरों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह सरकार के लिए आनंद का पर्व है, लेकिन एक मद्धम सवाल कि,  …आनंद का पर्व किसके लिए? प्रधानमंत्री मोदी किफायती व्यक्ति हैं। विदेश यात्राओं के दौरान रात को जहाज में ही सो जाने का प्रोग्राम बनाते हैं,  कम से कम एक रात होटल में रूकने का लाखों का खर्च बच सके। कईयों के सवाल हैं कि इस जलसे में तो करोड़ों लग जाएंगे। इस तरह तो अभी तीन वर्ष और हैं। नहीं-नहीं… तीन साल नहीं दो ही साल! अंतिम साल तो जनता जलसा मनाएगी। …अपनी संतुष्ठी का, सहारे की मजबूती का या ….फिर बोझ उतार फेंकने को मौके का।”

नई दिल्ली। जलसा शानदार होगा और आप सभी आमंत्रित है। मौका है मोदी सरकार के दो साल पूरे होने को लेकर शानदार उत्सव का। 28 मई को इंडिया गेट पर आयोजित होने वाले जलसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मंत्रिपरिषद के ज्यादातर सहयोगियों के इंडिया गेट पर एक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जिसकी मेजबानी महानायक अमिताभ बच्चन करेंगे। सरकार इस मौके पर ‘जरा मुस्करा दो’ कार्यक्रम का आयोजन कर रही है। जिसमें सरकार की उपलब्धियों को उजागर करने के लिए कई कार्यक्रम पेश किए जाएंगे। शो का पूरे देश में दूरदर्शन पर प्रसारण किया जायेगा।

मोदी सरकार के दो साल हो गए हैं। तीसरे साल की शुरुआत कल से ही हो जाएगी। इस अवसर पर देश के विभिन्न शहरों में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह सरकार के लिए आनंद का पर्व है, लेकिन एक मद्धम सवाल कि सरकार के लिए आनंद का पर्व किसके लिए है? प्रधानमंत्री मोदी किफायती व्यक्ति हैं। विदेश यात्राओं के दौरान रात को जहाज में ही सो जाने का प्रोग्राम बनाते हैं, ताकि कम से कम एक रात होटल में रूकने का लाखों का खर्च बच सके। कईयों के सवाल हैं कि इस जलसा में तो करोड़ों लग जाएंगे। इस तरह तो अभी तीन वर्ष और हैं। नहीं-नहीं… तीन साल नहीं दो ही साल! अंतिम साल तो जनता जलसा मनाएगी। …अपनी संतुष्ठी का, सहारे की मजबूती का या फिर बोझ उतार फेंकने को मौके का।

modi-gujrat--01एक सवाल यह भी खड़ा होता है कि राजग हर बार इतनी हड़बड़ी में क्यों होती है? इतिहास का दोहराव अच्छा ‘सबका’ देता है। ‘शाइनिंग इंडिया’ की चमक को समझने में जनता को 10 साल लग गए। पर, कांग्रेस का मिलजुल कर खाने आदत भी 5 साल को पार कर जाती है।

मैंने अपने रिपोर्टर से कहा कि दिल्ली देश नहीं, …जरा सासाराम जैसे पिछड़े इलाके में भाजपाइयों की खोजबीन करो। मोदी संग ‘बिग-बी’ हर बार दिख जाते हैं… स्वच्छ अभियान के डेढ़ साल बाद भी धूल व सड़ांध से उबल रहा महान प्रशासक शेरशाह सूरी व ऐतिहासिक-धार्मिक रामायणकालीन चंद्रवंशीय हैहयवंश के राजा सहस्त्राबाहु की नगरी सासाराम में भी ‘दो साला’ खुशी का रंग देखो। …बात करो यहां जलसा कैसे मनेगा?  …सबकुछ हो तो रहा है जनता के ही नाम पर। जनता संतुष्ठ तो आनंद…असंतुष्ठ तो फिर कैसा जलसा? कृषि प्रधान जिले में कार्यकर्ताओं की आर्थिक स्थिति बेहद खराब। इसी बीच खेती-बाड़ी का समय भी सिर पर आया और ये …जलसे का इंतजाम। करीब 20 साल से सासाराम के भाजपा के पूर्व विधायक रहे जवाहर प्रसाद उज्जैन की यात्रा पर है। फोन पर कहा, देखते है पार्टी का आदेश क्या है। हर बार इधर-उधर पार्टियों में दांव लगाने वाले और इस बार भाजपा से सांसद छेदी पासवान को इन सब चीजों से क्या मतलब… वे तो फोन भी नहीं उठाते। जिला भाजपा अध्यक्ष राधा मोहन पांडेय ने कहा कि 26 मई को प्रधानमंत्री के सहारनपुर की रैली टीवी पर सार्वजनिक रूप से जिला मुख्यालय के चौक-चौराहों पर लाइव दिखाने की योजना है। सब डिविजन, प्रखंड व कुछ गांव स्तर पर यह  कार्यक्रम होगा। आगे…पार्टी का जो आदेश होगा उस तरह से कार्यक्रम बनाए जाएंगे। जिला स्तर पर कार्यक्रमों को लेकर …यह एक बानगी है जिसे यहां प्रस्तुत किया गया है।

modi-amitabhभाजपा के साथ आगे एक बड़ी समस्या जो आने वाली है, वह है उधार के लिए गए नेता जो हर राज्यों में हैं। मोदी लहर पर सवार होकर इस बार तो बैतरणी पार हो गए पर, दो साल बाद उनका अभी से ही भरोसा खत्म होता जा रहा है। भले ही उनकी ‘दो साला’ जलसा के लिए तैयारी हों न हों, पर जनता ने उनकी प्रति तैयारी अभी से ही शुरू कर दी है। सासंद ग्राम योजना का हाल यह है कि करीब 80 फीसद बीजेपी सांसदों का प्रदर्शन इसमें नाकारात्मक है। हर साल एक गांव को दुरूस्त करना था लेकिन दो साल बाद पहले का ही कुछ नहीं हुआ। योजनाएं अधुरी पड़ीं हुई हैं।

बहरहाल, दिल्ली में ‘केंद्र जीती, राज्य हारी’ जनता के लिए ‘मेगा शो’ तो एकदम ‘बम पिलाट’ होगा। जब अमिताभ शो में मेजबानी करेंगे तो कार्यक्रम सफलता को कदम चुमेगी ही। इस दौरान विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों खासतौर कर स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया और ग्रामीण विद्युतीकरण की फिर महिमा मर्दन होगा, ‘हवा’ पूरी टाइट रहेगी। सरकार ने भी शो की जिम्मेदारी शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू की अध्यक्षता में लिए एक समिति का गठन कर बड़े मंत्री नितिन गडकरी, पीयूष गोयल और राज्यवर्धन सिंह राठौर जैसे लोगों को सौंपी है। पिछले साल मोदी सरकार ने अपने एक साल पूरे होने पर ‘साल एक, शुरुआत अनेक’ नाम से जश्न मनाया था। इस बार पूरे देश में 26 मई से 10 जून के बीच सरकार की सफलताओं को उजागर करने के लिए 200 से अधिक कार्यक्रम आयोजित करने की योजना है। प्रधानमंत्री मोदी के भी विभिन्न स्थानों पर इन रैलियों को संबोधित करने की संभावना है। इसकी शुरूआत वह 26 मई को सहारनपुर में रैली को संबोधित करके करेंगे।

खैर जो भी हो, सलाह है कि, चिंता-फिक्र छोड़िए और जलसे का मजा लिजिए। ….‘सरकार’ जीवन का भरोसा नहीं, पर लोकतंत्र के लोकपर्व का खुशी मनाइए कि कम से कम पांच-पांच सालों की उम्मीद के सहारे जीवन तो कट ही जाती है। …सोचिए, आपके पास पैसा नहीं …तो आप जिला अध्यक्ष से लेकर पार्षद, विधायक, सासंद बनने से रहे? अब मुफ्त में इतना बड़ा जलसा देखने का मौका तो हाथ से बिल्कुल न गंवाइए…इंडिया के लोगों …इंडिया गेट आइए।

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