गुड़गांव : 108वीं जयंती पर याद आए शहीद राजगुरू

0
40
शहीद राजगुरु
शहीद राजगुरु

राव तुलाराम फाउंडेशन पार्क सेक्टर-4 में आयोजित कार्यक्रम में दी भावभीनी श्रद्धांजलि

गुड़गांव/रिपोर्ट4इंडिया। आजादी के दीवाने-मतवाले शहीद राजगुरु के 108वीं जयंती पर उन्हें याद किया गया। यहां राव तुलाराम पार्क में शहीद के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई।

इस दौरान आयोजित संक्षिप्त कार्यक्रम में शहीद राजगुरु को याद करते हुए सामाजिक कार्यकर्ता राजेश पटेल ने कहा कि देश कभी भी अपने शहीदों की कुर्बानियों को नहीं भूला सकता। उनकी यादें हमें कर्तव्य पथ की याद दिलातीं हैं। स्वतंत्रता की महत्ता को याद दिलाती हैं। देश पर मर-मिटने का जज्बा पैदा करती है। देश के प्रति नागरिकों के कर्तव्य को याद दिलाती है। इस दौरान डॉ. वागीश पटेल ने कहा कि जबतक यह देश रहेगा क्रांतिकारी राजगुरु-भगत सिंह, सुखदेव, चंद्रशेखर आजाद, राम प्रसाद बिसमिल्ल शहीदों याद आते रहेंगे।

इस दौरान एनके सिंह, राजेंद्र कुमार विपिन जायसवाल, केपी सिंह, देव कुमार, बिरजू सिंह, अनिल कुमार, कृष्ण कुमार, विक्की, विजय ठेकेदार आदि ने राजगुरु के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

gurgaon-rajguru-01गुड़गांव के स्क्टर 4 स्थित राव तुलाराम पार्क में आयोजित कार्यक्रम में शहीद राजगुरु को श्रद्धांजलि दी गई।

उल्लेखनीय है कि शहीद राजगुरु का जन्म 24 अगस्त 1908 को पुणे ज़िले के खेड़ा गांव में हुआ था। आज उसे राजगुरु नगर के नाम से जाना जाता है। उनके पिता का नाम श्रीहरि नारायण और उनकी माता का नाम पार्वती बाई था। बचपन से ही राजगुरु ने देश की आजादी को लेकर सोचते रहे। जब थोड़े बड़े हुए तो उनका रुझान क्रांतिकारी विचारधारा की ओर होने लगा था।

तत्कालीन पंजाब में आज़ादी के एक बड़े नायक लाला लाजपत राय की प्रदर्शन के दौरान पुलिस की बर्बर पिटाई और उनकी मौत का बदला लेने को राजगुरु ने ठान लिया। राजगुरु ने 19 दिसंबर, 1928 को भगत सिंह के साथ मिलकर लाहौर में सहायक पुलिस अधीक्षक पद पर नियुक्त अंग्रेज़ अधिकारी जेपी सांडर्स को मौत के घाट उतार लालाजी के शहीदी का बदला लिया था।

शहीद राजगुरु को भी 23 मार्च, 1931 की शाम सात बजे लाहौर के केंद्रीय कारागार में भगत सिंह और सुखदेव के साथ फ़ांसी पर लटका दिया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here