तीन सौ मीटर दायरे में रहने वालों को सरकार ने असहाय छोड़ा

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आरएस राठी
rs rathiआयुध डिपो के नौ सौ मीटर के दायरे से जुड़ा मामला, हाईकोर्ट ने छह सौ मीटर के दायरे को प्रतिबंधित क्षेत्र से किया था बाहर
आप नेता आरएस राठी ने हरियाणा सरकार पर उठाए सवाल
कहा, सभी नागरिक एक बराबर, सरकार ने तीन सौ मीटर के दायरे में रह रहे लोगों को अपने हाल पर छोड़ा

गुड़गांव। आयुध डिपो के नौ सौ मीटर दायरे में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के फैसले से भले ही छह सौ मीटर के लोगों को राहत मिली हो लेकिन अभी भी तीन सौ मीटर में बने करीब 3500 मकानों पर तलवार लटकी हुई है। उक्त  बातें आप पार्टी के नेता आरएस राठी ने कही।  उन्होंने कहा कि पिछले चार दशक से चल रहे इस मुद्दे पर कोर्ट ने करीब-करीब अपनी मुहर लगा दी है।
उनका कहना है कि तीन सौ मीटर में रहने वाले लोगों के लिए अभी तक कोर्ट ने भी स्पष्ट नहीं किया है। वहीं, प्रदेश और केन्द्र सरकार की रणनीति भी साफ नहीं है। आश्चर्य की बात यह है कि क्या सरकार ने तीन सौ मीटर में रहने वाले लोगों के पक्ष को मजबूती से रखा। सवाल है कि क्यों सरकार ने तीन सौ मीटर के दायरे पर ही बहस कर अपनी सहमति जताई। यह दायरा पूरी तरह से खत्म होना चाहिए और भारत के संविधान के अनुसार देश के सभी नागरिक एक समान है। फिर सरकार क्यों फूट डालो और शासन करो की नीति अपना रही है। आज सरकार के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा है लेकिन जिस समय यहां पर तत्कालीन सरकार के नेता और मंत्री एनओसी देकर कालोनी कटवा रहे थे, उस समय राष्ट्रीय सुरक्षा कहां थी। इन बातों को घर बसाने के समय नंजरंदाज किया गया तो अब घर बसने के बाद क्या आपत्ति है। इन सभी सवालों से प्रदेश और केन्द्र सरकार की कार्यशैली पर एक बड़ा प्रश्र चिन्ह खड़ा होता है।
पिछले चार दशक से यहां रहने वाले लोगों ने अपनी खून-पसीने और मेहनत की कमाई को दांव पर लगा दिया और कोर्ट के फैसले के इंतजार में एक स्लम जीवन जीने को मजबूर थे। लेकिन प्रदेश सरकार की बेरूखी के चलते आज तक यहां के लोगों को बुनियादी सुविधाएं तक नसीब नहीं हो सकी। गुडग़ांव सिटीजंस काउंसिल ने भी २०१४ में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर कर लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने, आयुध डिपो के स्थानांनतरण या फिर दायरे को खत्म करने के लिए आवाज बुलंद की थी। लेकिन प्रदेश  सरकार की रणनीति साफ न होने के कारण आधे लोगों को इसका फायदा हुआ और तीन सौ  मीटर के लोगों पर तलवार लटकी रह गई।
उनकी अपील है कि अभी भी सरकार इस मामले में अपना हलफनामा दायर कर तीन सौ मीटर के लोगों को राहत दिलवा सकती है। क्योंकि,  कोर्ट का अंतिम फैसला ६  अक्तूबर को होना है। सरकार को इस दायरे को पूरी तरह से खत्म करना चाहिए, या इसे यहां से स्थानांनतरित करना चाहिए। उनकी यह भी अपील है कि जल्द से जल्द यहां के लोगों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया करानी शुरू की जानी चाहिए।

 

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