देश में सेमी हाई स्पीड ट्रेनों को बढ़ावा, कई रूटों पर चलेगी टैलगो ट्रेन!

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फाइव स्टार होटल की तरह सुविधा से लैश स्पेनिश ट्रेन टैलगो का नियमित ट्रायल रन 8 जून से, पहला ट्रायल रन बरेली से मुरादाबाद के बीच 115 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से

स्पेनिश ट्रेन टैलगो।

नई दिल्ली। भारत में नई सरकार आने के बाद रेलवे में नीत-नए प्रयोग का दौर भी जारी है। विशेषज्ञों व रेलवे का भी साफ तौर पर मानना है कि जबतक भारत में ट्रेनों की स्पीड नहीं बढ़ेगी तबत ट्रैक पर ट्रैफिक को कम नहीं किया जा सकता है। राहत के लिए सबसे ज्यदा जरूरी है कि ट्रनों की स्पीड तेज हो ताकि कम समय में ज्यादा ट्रेनों को बिना परेशानी ट्रैकों पर चलाया जा सके। इन्हीं प्रयोगों में स्पेनिश ट्रेन टैलगो जो देखने में फाइव स्टार होटल की तरह है, का नियमित ट्रायल रन 8 जून से शुरू होने जा रहा है। पहला ट्रायल रन बरेली से मुरादाबाद के बीच 115 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से 8-20 जून तक किया जाएगा। सफल होने के बाद फिर दूसरे रूट पर ट्रायल के लिए उतारा जाएगा। वैसे, इसके बाद आगरा मथुरा रूट पर और दिल्ली-मुंबई रूट पर भी ट्रायल रन प्रस्तावित है। हालांकि, शुक्रवार को बरेली के पास इज्जत नगर में खड़ी इस ट्रेन का सफल परिचालन किया गया।

रेलवे की मानें तो, 12 दिनों तक बरेली से मुरादाबाद के बीच ट्रायल रन की सफलता के बाद इसे पलवल-मथुरा के बीच 26 जून से 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से ट्रायल रन किया जाएगा। यह ट्रायल रन डेढ़ महीने तक चलेगा।

पलवल-मथुरा के बाद टैलगो ट्रेन को नई दिल्ली-मुंबई के बीच 150 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से ट्रायल रन होगा। दोनों स्टेशनों के बीच एक हफ्ते में तीन ट्रायल रन होंगे जिसकी तारीख अभी तय नहीं है।
दूसरी तरफ स्पेन की टीम ने बीते बुधवार को हजरत निजामुद्दीन-आगरा के बीच 160 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड से चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस में सफर कर ट्रैक का जायजा भी लिया और बीते शुक्रवार को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी आई।

स्पेन की इस ट्रेन में 9 कोच है, जिसमें एक कोच जनरेटर, एक रेस्टुरेंट कार के अलावा 5 सामान्य एसी चेयर कार और 2 एसी एक्सक्यूटिव क्लास कोच है। हर सामान्य कोच में 35 और एक्सक्यूटिव क्लास कोच में 26 यात्रियों के बैठने की सीट है।

इस ट्रेन की कोच में पेंट्री कार की जगह  अलग से डाइनिंग कार है। टैलगो की एक पूरी बॉगी को डाइनिंग कार के रूप में तैयार किया है। इस कोच में जगह-जगह डाइनिंग टेबल लगे हैं, जहां यात्री आराम से खाना खा सकते हैं। उन्हें अपने सीट पर बैठे-बैठे खाना खाने की मजबूरी नहीं होगी।

स्पेन की कंपनी का दावा है कि इस ट्रेन में उर्जा की काफी कम खपत होगी। इसे लाइट वेट एरोडायनेमिक तकनीक पर तैयार किया गया  है। यह कोच फायर प्रूफ व साउंड प्रूफ है। इससे ट्रेन के चलने की आवाज़ यात्रियों के कानों में नहीं गूंजेगी।

स्पेन में बने इस कोच की खासियत यह है कि इसे ढाई सौ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ाई जा सकती है। रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इतनी स्पीड से तो यह ट्रेन नहीं चल सकेगी, लेकिन इसका औसत स्पीड 120 घंटे प्रतिकिलोमीटर रखी जाएगी। इतनी औसत स्पीड से यह ट्रेन नई दिल्ली से मुंबई की 1384 किलोमीटर की दूरी 11घंटे 50 मिनट में पूरी करेगी। बता दें कि मुंबई राजधानी करीब 15घंटे 50 मिनट में इतनी दूरी तय करती है।

कई खूबियों वाली स्पेन में निर्मित कोच को खींचने वाला इंजन भारतीय होगा। टेल्गो कंपनी ने सिर्फ कोच को भारत ट्रायल रन के लिए भेजा है।

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