धर्म : हनुमान चालीसा की पांच चौपाइयां खोलतीं हैं विशेष सफलता का द्वार

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shri-hanuman-shri-ramतुलसीदास रचित हनुमान चालीसा में चमत्कारी शक्ति, नियमित पाठ बड़ा फलदायी

भक्त शिरोमणि तुलसीदासजी महाराज रचित हनुमान चालीसा हमारे दुखों का निवारण करती है, इसमें तनिक संदेह नहीं। जब भी हम परेशान होते हैं तो अपनी समस्या का हल पाने के लिए शास्त्रीय उपायों का इस्तेमाल करते हैं। भले आप इसे चमत्कार करें या अन्य कोई नाम दें, हमारे शास्त्रों में हर समस्या का समाधान है। यदि हम शास्त्र सम्मत उपाय करें, उसका पालन करें तो, जरूर सफल होंगे। हमारे शास्त्रों में हनुमान चालीसा को कोई सानी नहीं है। हनुमान चालीसा में कुछ ऐसी शक्तियां हैं जो आपके जीवन को सुखी बना देने में सक्षम सिद्ध होंगे।

भगवान शिव के रूद्र अवतार हनुमानजी को बाल्य काल में ही सभी देवताओं ने उन्हें अपार शक्तियां दे दीं। माना जाता है कि सभी देवताओं ने जिन मंत्रों और हनुमानजी की विशेषताओं को बताते हुए उन्हें शक्तियां प्रदान की थी, उन्हीं मंत्रों के सार को गोस्वामी तुलसीदास ने हनुमान चालीसा में वर्णित किया है। इसलिए हनुमान चालीसा का पाठ चमत्कारी है।

sankat mochan hanumanji varanasi

श्रीसंकटमोचन हनुमानजी, वाराणसी।

हनुमान चालीसा की उन पांच चौपाइयां, जिनका नियमित सच्चे मन से वाचन किया जाए तो यह परम फलदायी हैं। हनुमान चालीसा का वाचन मंगलवार या शनिवार को करना शुभ होता है। विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए कि हनुमान चालीसा की इन चौपाइयों को पढ़ते समय उच्चारण में कोई गलती न हो।

भूत-पिशाच निकट नहीं आवे। महावीर जब नाम सुनावे।।

जिस व्यक्ति को किसी प्रकार का भय सताता हो, वे इस चौपाइ का नित्य रोज सुबह व शाम काल में 108 बार जाप करें। सभी प्रकार के भय से मुक्ति मिल जाती है।

नासै रोग हरै सब पीरा। जपत निरंतर हनुमत बीरा।।

यदि कोई व्यक्ति बीमारियों से ग्रस्त है और कई इलाज के बाद भी वह ठीक नहीं हो पा रहा है तो, उसे इस चौपाइ का जाप करना चाहिए। इस चौपाइ का जाप निरंतर सुबह-शाम 108 बार करना चाहिए। इसके अलावा मंगलवार को हनुमानजी की मूर्ति के सामने बैठकर पूरी हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए, इससे जल्द ही व्यक्ति रोगमुक्त हो जाता है।

अष्ट-सिद्धि नवनिधि के दाता। अस बर दीन जानकी माता।।

यह चौपाइ व्यक्ति को समस्याओं से लड़ने की शक्ति प्रदान करती है। यदि किसी को भी जीवन में शक्तियों की प्राप्ति करनी हो, ताकि वह कठिन समय में खुद को कमजोर न पाए तो नित्य ब्रह्म मुहूर्त में आधा घंटा इन पंक्तियों का जप करे। चमत्कारिक प्रभाव होगा।

विद्यावान गुनी अति चातुर। रामकाज करिबे को आतुर।।

यदि किसी व्यक्ति को ज्ञान-विद्या और धन चाहिए तो इन पंक्तियों के जप से हनुमानजी का आशीर्वाद प्राप्त हो जाता है। प्रतिदिन 108 बार ध्यानपूर्वक जप करने से व्यक्ति के धन संबंधित दुःख दूर हो जाते हैं।

भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्रजी के काज संवारे।।

जीवन में ऐसा कई बार होता है कि तमाम कोशिशों के बावजूद कार्य में विघ्न प्रकट होते हैं। यदि आपके साथ भी कुछ ऐसा हो रहा है तो उपरोक्त चौपाइ का कम से कम 108 बार जप करें, विशेष लाभ होगा।

हिन्दू धर्म में हनुमानजी की आराधना को ‘हनुमान चालीसा’ का पाठ सर्वमान्य साधन है। इसका पाठ सनातन जगत में जितना प्रचलित है, उतना किसी और वंदना या पूजन आदि में नहीं दिखाई देता। ‘श्रीहनुमान चालीसा’ के रचनाकार गोस्वामी तुलसीदासजी हैं, इसीलिए ‘रामचरितमानस’ की तरह यह हनुमान गुणगाथा बेहद फलदायी मानी गई है। यह बात केवल कहने योग्य ही नहीं है, बल्कि भक्तों का अनुभव है कि हनुमान चालीसा पढ़ने से परेशानियों से लड़ने की शक्ति प्राप्त होती है। यदि आप भी दिल से, पवनपुत्र हनुमान जी की भावपूर्ण वंदना करते हैं, तो आपको न केवल बजरंग बलि का अपितु साथ ही श्रीरामजी का भी आशीर्वाद प्राप्त होगा।

 

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