‘मोदी के अंबेडकर प्रेम से अंदर तक हिल गईं मायावती’

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बसपा सुप्रीमो ने पीएम पर साधा निशाना कहा, अम्बेडकर की आड़ में दलित आरक्षण खत्म करना चाहते हैं मोदी

लखनऊ। प्रधानमंत्री मोदी के बाब साहेब अंबेडकर को लेकर किए जा रहे कार्य़ों से बसपा सुप्रीमो मायावती पूरी तरह से डर गईं हैं। पिछले दिनों प्रदानमंत्री के अम्बेडकर स्मारक और संग्रहालय आदि बनाने की घोषणा और अक्सर प्रधानमंत्री मोदी के बाबा साहेब के नाम लेने से मायावती को अपनी पूरी राजनीति से ही अलग होने का खतरा पैदा हो गया है। होली बीतते ही इस मुद्दे पर मायावती ने प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला। मायावती ने कहा कि अम्बेडकर स्मारक व संग्रहालय बनाने की आड़ में प्रधानमंत्री पर दलित, उपेक्षित समाज का आरक्षण और कानूनी अधिकारों को समाप्त करने की साजिश का आरोप लगाया।

मायावती वामपंथियों के ‘मुसलिम-दलित’ थ्यूरी को साधने की कोशिश करतीं हुई दलितों को भारत माता की सही संतान करार दिया। मायावती ने देश में दलितों, आदिवासियों और अन्य पिछड़े वर्गों को प्राइवेट सेक्टर और अन्य जिन भी क्षेत्रों में आरक्षण देने की मांग भी की। इसके साथ ही आरक्षण को संविधान की नौवीं अनुसूची में डालने की भी मांग की। मायावती ने कहा कि आरक्षण के संबंध में आरएसएस का जब-जब विवादित और जातिवादी मानसिकता वाला बयान आता है। तब-तब पीएम सफाई देते हैं कि आरक्षण दलितों का हक है, इसे कोई छीन नहीं सकता है।

मायावती ने आरोप लगाया कि पहले कांग्रेस पार्टी और अब बीजेपी की सरकार दोनों ने ही आपसी साजिश के तहत मिलकर पूरी तरह से निष्क्रिय और निष्प्रभावी बनाकर रख दिया है। पहले भारत माता की सही संतानों अर्थात दलितों और अन्य पिछड़ों आदि से माफी मांगे कि वे शर्मिंदा हैं कि आरक्षण का 50 फीसदी भी लाभ लगभग 68 वर्षों में नहीं पहुंचा पाए हैं।

उन्होंने कहा कि अपनी सरकार की घोर विफलताओं पर से पर्दा डालने के लिए साम, दाम, दंड, भेद आदि हथकंडों को अपनाया जा रहा है। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम पर स्मारक और संग्रहालय आदि की घोषणा करके उन्हें अनेक प्रकार से बरगलाने का काम भी शामिल है। जिस साजिश से देश की जनता खासकर यूपी, उत्तराखंड और पंजाब आदि राज्यों के लोगों को बरगलाया जा रहा है। सावधान रहने की जरूरत है।

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