हरियाणा में पढ़े-लिखे ही होंगे पंचायत चुनाव में उम्मीदवार

0
25
supreme court of india सुप्रीम कोर्ट ने पंचायत चुनाव को लेकर हरियाणा सरकार के नए नियम को स्वीकार किया
कोर्ट ने नए नियम पर लगाए गए स्टे को खत्म किया

नई दिल्‍ली। देश की सुप्रीम अदालत में हरिणाया सरकार ने एक बड़ी जीत हासिल की है। कोर्ट ने हरियाणा में पढ़-लिखे लोगों के पंचायत चुनाव में उम्मीदवार होने संबंधी बात को मान ली है। अब हरियाणा में पढ़े लिखे उम्मीदवार ही पंचायत चुनाव में भाग ले सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में खट्टर सरकार के नए नियम पर लगाए गए स्‍टे को खत्‍म कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि सरपंचों का कार्यकाल 25 जुलाई 2015 को खत्म हो चुका है। चुनाव से ठीक पहले 11 अगस्त को हरियाणा सरकार ने पंचायती राज कानून में संशोधन किया था। पंचायत चुनाव लड़ने के लिए चार शर्तें लगाई थीं। लेकिन एक जनहित याचिका के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में सरकार के इस फैसले को चुनौती दे दी गई थी।

राज्य सरकार नए नियमों के मुताबिक, सामान्य वर्ग के लिए दसवीं पास, दलित और महिला के लिए आठवीं पास होना जरूरी है। इसके अलावा बिजली बिल के बकाया न होने और किसी केस में दोषी करार ना होने के साथ में घर में टायलेट होने की शर्त रखी गई है।

इस मामले में हरियाणा के विपक्षी दलों ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया था और लगातार सरकार पर हमला बोल रहे थे। कोर्ट के इस फैसले से जहां राज्य सरकार को अपने संशोधित नियम लागू किए जाने को हरी झंडी मिल गई वहीं, इस मसले पर विपक्ष का वार भी प्रभावहीन हो गया है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here