हरियाणा : सेना ने डेरा डाला, कर्फ्यू तोड़ने पर गोली मारने का आदेश

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रोहतक, भिवानी में सैना का फ्लैग मार्च, नौ जिले सेना के हवाले

शनिवार को भी हिंसा, आगजनी का घटनाएं हुईं, रेलवे स्टेशन को बनाया निशाना

नई दिल्ली। हरियाणा में जाट आरक्षण को लेकर चल रहा आंदोलन हिंसक और बेकाबू हो गया है। हालांकि, हिंसाग्रस्त रोहतक और भिवानी में सेना ने फ्लैगमार्च किया। जींद में बूढ़ा खेड़ा रेलवे स्टेशन पर शनिवार को पेट्रोल बम से हमले किया गया। इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ है। स्थिति पर काबू पा लिया गया है।

हिंसा को देखते हुए हरियाणा के नौ जिलों को सेना के हवाले कर दिया गया है। आंदोलन के चलते यहां मरने वालों की संख्या 4 हो गई है जबकि 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। शनिवार को भी शताब्दी एक्सप्रेस समेत 25 ट्रेनें रद्द की गईं हैं। दिल्ली-अंबाला और दिल्ली-बठिंडा रूट भी बुरी तरह प्रभावित है।

सेना के हवाले करने के साथ ही रोहतक और भिवानी में कर्फ्यू लगा दिया गया है और दंगाइयों को देखते ही गोली मारने का आदेश दिया गया है। जाटों ने मुनक नहर का पानी रोक दिया। इससे सीधे तौर पर दिल्ली की सप्लाई प्रभावित होगी। आंदोलनकारियों ने रोहतक में हरियाणा सरकार के वित्त मंत्री कैं. अभिमन्यु के घर, स्कूल के साथ ही मॉल-दुकानें और में आग लगा दी गई।

आंदोलन प्रभावित जिलों में मोबाइल पर इंटरनेट सेवा, स्कूल और कॉलेज अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं। 20 फरवरी को होने वाली एचटेट की परीक्षा भी रद्द कर दी गई है। प्रदेशभर में धारा-144 लागू कर दी गई है।

उल्लेखनीय है कि हुड्डा सरकार के कार्यकाल में जाटों को मिले आरक्षण को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। बाद में खट्टर सरकार ने राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो को लिए आरक्षण कोटा दस प्रतिशत से बढ़ाकर बीस प्रतिशत करने का घोषणा की थी। उन्होंने साथ ही सालाना आय की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर छह लाख रुपये करने की भी घोषणा की, ताकि इस श्रेणी के तहत अधिकतम लोगों को लाभ मिल सके। सरकार की इस घोषणा के बाद जाटों समुदाय आंदोलित है।

 

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