चार साल में सांसदों पर खर्च हुए 2000 करोड़ रुपए

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लोकसभा की 545 (जिनमें 543 निर्वाचित जन प्रतिनिधि और एंग्लो-इंडियन समुदाय के दो मनोनीत सदस्य शामिल हैं) की सदस्य संख्या के आधार पर 2014-15 से लेकर 2017-18 के बीच प्रत्येक साल हर लोकसभा सांसद को वेतन-भत्तों के रूप में औसतन 71,29,390 रुपये का भुगतान किया गया। इसी तरह राज्यसभा की 250 की सदस्य के हिसाब लगाने पर इस अवधि के दौरान प्रत्येक सांसद के वेतन-भत्तों पर प्रत्येक साल औसतन 44,33,682 रुपये खर्च किए गए।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने इस साल सांसदों के भत्ते में इजाफा किया है। इस वर्ष  अप्रैल में सांसद के वेतन और भत्ता कमेटी ने सांसदों की सैलरी में बदलाव को मंज़ूरी दे दी थी। सांसदों का संविधान भत्ता 45 हज़ार से बढ़ाकर 70 हज़ार किया गया। फर्नीचर भत्ता 75 हज़ार से बढ़ाकर एक लाख रुपये जबकि दफ़्तर के खर्च के भत्ते को 45 हज़ार से बढ़ाकर 60 हज़ार कर दी गई। इस बढ़े हुए भत्ते से पहले किसी सांसद के पारिश्रमिक में प्रतिमाह 50,000 रुपए का मूल वेतन, 45 हजार रुपये निर्वाचन क्षेत्र भत्ता के अलावा अन्य सुविधाएं शामिल हुआ करती थी।

 

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