चाचा की ‘पार्टी पॉलिटिक्स’ से ‘बोलने’ को मजबूर हुए अखिलेश  

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शिवपाल यादव के समाजवादी सेक्यूलर मोर्चा को लेकर पहली बार औपचारिक तौर पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बोला हमला कहा, शिवपाल यादव की पार्टी बीजेपी की ‘B’ टीम

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मनोज कुमार तिवारी/रिपोर्ट4इंडिया।

नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी ने औपचारिक रूप से मान लिया कि सपा का राजनीतिक विभाजन हो गया है कि और आने वाले चुनाव में चाच शिवपाल की समाजवादी सेक्यूलर मोर्चा भी सामने होगी। दरअसल, मुलायम की छोटी बहू अपर्णा के चाचा शिवपाल के साथ खड़ा होने पर जो राजनीतिक संदेश जनता के बीच गया, उसे देखते हुए अखिलेश यादव का ‘समाजवादी सेक्यूलर मोर्चा’ के संबंध में बोलना जरूरी हो गया था। इससे पहले, शिवपाल यादव के पुत्र आदित्य यादव ने एक प्रकार से अखिलेश यादव को चुनौती दी थी कि वे उन्नाव से चुनाव लड़कर दिखाएं।

ऐसी स्थिति में सपा के मुखिया होने के नाते अखिलेश यादव चुप रहते तो पार्टी कार्यकर्ताओं में भ्रम की स्थिति लगातार बनी रहती। कार्यकर्ता यह सोचने को मजबूर हैं कि आखिर इस सियासती कुनबे में चल क्या रहा है और परिवार के अन्य सदस्य किसके साथ और कहां खड़े हैं।

आखिरकार, अखिलेश यादव ने कानपुर में बीजेपी पर निशाना साधने का प्रयास करते हुए कहा, शिवपाल यादव की पार्टी बीजेपी की ‘बी-टीम’ है। राजनीतिक रूप से अखिलेश यादव को अपने वोटरों के विभाजन को रोकने के लिए इस बात पर जोर देना ही होगा कि बीजेपी और शिवपाल में गठबंधन है।

इधर, बीजेपी सरकार की शिवपाल यादव पर मेहरबानी को देखते हुए अखिलेश यादव चुप भी नहीं रह सकते थे। राजधानी लखनऊ में मायावती का पुराना बंगला शिवपाल यादव के नाम अलाट होना और उसे ‘समाजवादी सेक्यूलर मोर्चा’ का कार्यालय बनाए जाने की खबर से स्पष्ट है कि बीजेपी उप्र में अखिलेश यादव के वोटरों का विभाजन को एक कदम आगे बढ़ा दिए हैं। संकेत यह भी मिलते हैं अखिलेश-मुलायम के गढ़ में शिवपाल को मजबूत बनाने लेकर बीजेपी चुनाव के दौरान कोई चाल चल सकती है। बीजेपी की कोशिश होगी कि चुनाव के दौरान अखिलेश यादव व उनके परिवार के लोगों को एक विशेष दायरे में घेर कर रखने का प्रयास करे।

उधर, मायावती का कांग्रेस से बिदकना भी महागठबंधन को लेकर कोई अच्छा संकेत नहीं है। हालांकि, राजनीति के जानकार इस तथ्य को समझ रहे होंगे कि पांच राज्यों को आसन्न विस चुनाव का परिणाम भी लोकसभा चुनाव के लिए बड़ा राजनीतिक दृष्टि देगा।

हालांकि, अखिलेश ने शिवपाल यादव की पार्टी को लेकर हमला को छोड़ा हल्का करने की कोशिश करतेहुए कहा कि अभी बीजेपी की न जाने कितनी A,B,C,D पार्टियां आने वाली हैं। अखिलेश ने कहा, हम इस बात को लेकर चिंतित नहीं हैं। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि बीजेपी के कई विधायक और सांसद भी उनके संपर्क में हैं। जाहिर है, बीजेपी जिनकी टिकट काटेगी या जिनकी टिकट कटने की संभावना प्रबल है, वे अखिलेश यादव के संपर्क में हो सकते हैं।

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