परिवार-पार्टी के बंटने से 2019 में भी नुकसान तय

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सपा के वयोवृद्ध नेता मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव ने कहा पार्टी टूट चुकी और 2019 में रास्ते अलग-अलग

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रिपोर्ट4इंडिया राजनीतिक डेस्क।

नई दिल्लली। देश का सबसे बड़ा राजनीतिक परिवार के कलह से समाजवादी पार्टी का बिखराव उत्तर प्रदेश की राजनीति को काफी प्रभावित करता है। औपचारिक रूप से अब सपा में विभाजन हो गया है परंतु, वयोबृद्ध नेता मुलायम सिंह यादव के नाम पर अभी राजनीति हो रही है।

शिवपाल यादव के अलग पार्टी बनाने के बाद मुलायम की छोटी बहू अपर्णा यादव अपने चाचा के साथ मंच शेयर कर चुकीं हैं। राजनीतिक हलकों में उनके शिवपाल यादव के साथ जाने की चर्चा भी है। इस पर एक निजी समाचार चैनल से बातचीत में अपर्णा यादव ने माना कि परिवार में बिखराव से 2017 उप्र विधानसभा चुनाव में सपा को भारी नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा, अब अलगाव से 2019 के लोकसभा चुनाव में भी असर पड़ेगा।

अपर्णा यादव ने शिवपाल यादव के समाजवादी पार्टी में योगदान की सराहना की और कहा कि उन्होंने पार्टी के लिए अपना जीवन लगाया। जब पार्टी की राजनीति में उन्हें लगा कि चीजें अब परी पर नहीं आएंगी तो उन्होंने पार्टी से अपने को अलग कर लिया। हालांकि, शिवपाल के साथ उनके जाने के सवाल पर उन्होंने फैसला मुलायम सिंह यादव पर छोड़ दिया परंतु, उन्होंने चाचा के साथ अपनी सहानुभूति का इजहार किया। अपर्णा ने यह भी कि कहा चाचा शिवपाल ने पार्टी बनाने का फैसला नेताजी (मुलायम सिंह) से पूछकर लिया है।

राम मंदिर पर अपर्णा यादव ने कहा कि राम हमारे आदर्श हैं, इसे किसी पार्टी या जनसमूह से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। हमें सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए। राम मंदिर पर प्राइवेट मेंबर बिल पर उन्होंने कहा इसपर बीजेपी को निर्णय लेना है।

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