देश-विदेश में मकर संक्रांति से संबद्ध हुए करोड़ों श्रद्धालु, गंगासागर, वाराणसी, प्रयाग में पवित्र डुबकी

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गंगासागर में अबतक 30 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी। प्रयागराज में संगम में धार्मिक भाव से सराबोर हुए लाखों श्रद्धालु। वाराणसी, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक में भक्तों ने पवित्र नदियों में लगाई डुबकी। आंध्र प्रदेश में पवित्र गोदावरी में धर्म-संस्कृति से भीगे श्रद्धालु

गंगासागर।

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

कोलकाता/वाराणसी/प्रयागराज (इलाहाबाद)/हरिद्वार। मकर संक्रांति के मौके पर देश में करोड़ा लोगों ने धार्मिक स्थलों पर पवित्र नदियों, संगमों में स्नान-ध्यान कर दान-पूण्य कर सामाजिक-धार्मिक समरसता का संदेश दिया। भारत से अलग दुनिया में नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, इंडिनेशिया और दक्षिण-पश्चिम एशिया के देशों में हिन्दू श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रूप से मकर संक्रांति का पर्व मनाया।
कोलकाता में गंगासागर में अबतक करीब 30 लाख श्रद्धालु पवित्र गंगा और सागर के संगम में डुबकी लगा चुके हैं। पवित्र नगर वाराणसी में करीब शनिवार रात से ही उप्र और बिहार से सटे कई जिलों के श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए थे। रविवार को तड़के प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट, राजघाट, केदार घाट, अस्सी घाट सहित रामनगर में गंगाघाटों पर करीब 20 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे और स्नान कर दान-पुण्य किया। इस दौरान वाराणसी के मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
इलाहाबाद में माघ मेले के दौरान प्रयाग संगम पर अबतक करीब 40 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। अभी भी स्नान का पवित्र संस्कार जारी है।
इसके अलावा हरिद्वार में मां गंगा में स्नान जारी है। मध्य व दक्षिण भारत में भी पवित्र नदियों में स्नान जारी है। नासिक, उज्जैन में स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य किया। आंध्र प्रदेश में गोदावरी
पश्चिम बंगाल के 24 दक्षिण परगना के जिलाधिकारी वाई रत्नाकर राव ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि अबतक लाखों श्रद्धालु गंगासागर में स्नान कर चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए प्रशासन ने पूरे इंतजामात किए हुए हैं। पिछले 9 जनवरी से चल रहा पवित्र गंगासागर मेला आज शाम तक सम्पन्न हो जाएगा। सुरक्षा और सुविधा के लिए राज्य सरकार ने मेले में निर्बाध संचार व्यवस्था के अधिकारियों को सेटेलाइट फोन से दिए गए हैं।  उन्होंने कहा कि सेटेलाइट फोन आपदा  की किसी स्थिति में संचार व्यवस्था को बनाए रखने में मददगार साबित होंगे।
हिन्दू धर्म के मुताबिक मकर संक्रांत‌ि का बड़ी धार्मिक महत्व है। इस द‌िन सूर्य मकर राश‌ि में आते हैं और इसके साथ देवताओं का द‌िन शुरू हो जाता है, जो देवशयनी एकादशी से सुप्त हो जाते हैं। मकर संक्रांति को तमिलनाडु में पोंगल, गुजरात में उत्तरायण, असम में बिहू और पश्चिम बंगाल में पौष संक्रांति के नाम से जाना जाता है।

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