GURUGRAM : ‘हड़प नमाज़’ साजिश पर रोक लगा पाएगा…गोवर्द्धन पूजा!

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गुरुग्राम में नमाज़ के जवाब में गोवर्द्धन पूजा।

“यह साफतौर पर सोची-समझी साजिश है। प्रशासन इस समस्या को ऐसे ही नहीं छोड़ दे बल्कि इसके पीछे छुपे इरादे का पर्दाफाश करे। वे कौन ‘सफेदपोश’ हैं और उनका मकसद क्या है? लोगों का कहना है कि इसके पीछे मेवात में पनप रहे कट्टर धार्मिक जमात है, जो साजिशन शहर की शांति को भंग करना चाहते हैं।” 

मनोज कुमार तिवारी@रिपोर्ट4इंडिया/ गुरुग्राम।

देश की आर्थिक व्यवस्था को आधार देने वाला गुरुग्राम शहर पिछले कुछ समय से ‘नमाज़-ए-साजिश’ से त्रस्त है। पिछले कुछ वर्षों से यहां सार्वजनिक व खाली पड़े करीब 40 अलग-अलग स्थानों, सेक्टरों, सड़क के किनारे पार्कों आदि जमीनों पर नमाज़ पढ़ने की साजिश की शिकायत यहां के निवासी व आरडब्ल्यूए जैसे संगठन लगातार प्रशासन से कर रहा था। दो-चार-दस लोग एकत्रित होकर स्थानीय पुलिस व प्रशासन से मिलते रहे और बताते रहे कि कैसे उनके सेक्टरों में पार्कों व मल्टीपरपज़ योजना के तहत आरक्षित खाली पड़े प्लॉटों पर पहले दो-चार फिर 10-20 और अब सैकड़ों लोग नमाज़ पढ़ने के लिए बाहर से आने लगे हैं। इससे उन्हें कई तरह की समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। इससे सेक्टरों में जाम, चोरी, महिलाओं पर छींटाकशी और अनायास जगह-जगह ग्रुप में भीड़भाड़ व अशांति जैसे दृश्य आम हो गये हैं।

शिकायत में तथ्य स्पष्ट किये गये कि उनके सेक्टरों में मुसलिम समाज के लोगों की आबादी शुन्य की स्थिति में हैं। फिर न जाने कहां से इतनी बड़ी संख्या में मुसलिम सामूहिक रूप से नमाज़ पढ़ने आ रहे हैं। इन शिकायतों पर सेकुलर प्रशासनिक अमला समय रहते ध्यान नहीं दिया। लिहाज़ा लोगों का धैर्य जवाब दिया और वे मौके पर पहुंचकर विरोध करने को मजबूर हुए। प्रशासन अनाधिकृत कार्य पर कार्रवाई की जगह उल्टे विरोध करने वालों को ही जेल में बंद करने लगा। सिर से पानी उपर जाते देख लोगों ने एकजुट होकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंदी का फैसला लिया।

इसी कड़ी में हिन्दू समाज ने भी इन सार्वजनिक स्थलों पर धार्मिक आयोजनों की रूपरेखा बनाई व पूजा करने का फैसला लिया। खुले में बाहरी लोगों के सार्वजनिक स्थलों पर नमाज़ पढ़ने के विरोध में स्थानीय लोगों ने भी भजन-कीर्तन करने लगे। ऐसी स्थिति में पुलिस-प्रशासन को समझ में आने लगा कि समस्या गंभीर है।

सेक्टर 12ए में सीआरपीएफ कैंप के पास सार्वजनिक जमीन पर सैकड़ों की संख्या में नमाज पढ़े जाने के विरोध में हिन्दू समाज ने शुक्रवार को सामूहिक तौर पर गोवर्द्धन पूजा का आयोजन किया। बड़ी संख्या में लोग जुटे और ऐसी असह्य स्थिति का विरोध इस रूप में किया।

इस मौके पर स्थानीय लोगों ने बताया कि दिल्ली स्थित कापसहेड़ा बॉर्डर से भी बड़ी संख्य में मुसलमान नमाज़ पढ़ने आते हैं। यह साफतौर पर सोची-समझी साजिश के तहत हो रहा है। प्रशासन इस समस्या को ऐसे ही नहीं छोड़ दे बल्कि इसके पीछे छुपे इरादे का पर्दाफाश करे कि इसके पीछे कौन सफेदपोश हैं और उनका मकसद क्या है। लोगों का कहना है कि इसके पीछे मेवात में पनप रहे कट्टर धार्मिक जमात है, जो साजिश के तहत शहर की शांति को भंग करना चाहते हैं।

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