गांधी-शास्त्री की नर्सरी का फलदायी पौधा है ‘समग्र पंचायती राज’ : डॉ. अशोक चौहान

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नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय पंचायत परिषद कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मी गांधी को श्रद्धांजलि दी गई।

अखिल भारतीय पंचायत परिषद द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई, आयोजित गोष्ठी में रखे विचार

रिपोर्ट4इंडिया/ नई दिल्ली।
ग्राम स्वराज के अगुवा व ग्रामीण अर्थव्यवस्था के रीढ़ किसानों के पैरोकार पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती यहां अखिल भारतीय पंचायत परिषद द्वारा धूमधाम से मनाई गई। इस दौरान गोष्ठी का आयोजन भी किया गया, जिसमें परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अशोक चौहान ने अपने विचार रखे। इस मौके पर उपस्थित लोगों ने शास्त्रीजी के  विचारों को गांव-गांव तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
डॉ. अशोक चौहान ने गोष्ठी को संबोधित कर कहा कि भारत के विकसित स्वरूप की कल्पना गावों के विकास के बिना अधूरी है। अगर हमें इसे पूरा करना है तो गांधीजी के ग्राम स्वराज की संकल्पना को पूर्ण रूप से लागू किए जाने की जरुरत है ।
उन्होंने कहा, कोविड महामारी के दौरान कृषि की विकास दर में 3.4 फीसदी की वृद्धि होने से जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी 17.8 फीसदी से बढ़ कर 19.9 प्रतिशत हो गई है। सर्वेक्षण रिपोर्ट के मुताबिक 2019-20 में जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी 17.8 प्रतिशत थी, जो 2020-21 में 19.9 प्रतिशत हो जाएगी। दिलचस्प यह है कि इससे पहले 2003-04 में कुल जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी 20.77 प्रतिशत थी। इसके बाद लगातार कृषि की हिस्सेदारी कम हो रही है। इसीलिए शास्त्रीजी के विचार भारत के लिए हमेशा प्रासंगिक रहेंगे ।
किसानी के प्रासंगिकता पर बात करते हुए आगे उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया में कोरोना की वजह से तबाही का मंजर था तब लोग शहरों से गावों की ओर गए और कृषि उनके रोजगार का आधार बनी । भारी संख्या में लोग किसानी से जुड़ गए और दोबारा शहरों को ओर नहीं लौटे। इसीलिए अगर हमें भारतवर्ष को सतत विकास की ओर ले जाना है तो गावों को सशक्त और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की जरुरत है। भारत भूमि का सौभाग्य है कि भारत की अर्थव्यवस्था यानी कि कृषि व गांव को मजबूत करने के लिए योगदान देने वाले दो महानुभाव गांधीजी और शास्त्री जी का नेतृत्व देश को मिला और देश के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ ।
इस दौरान, मीडिया सलाहकार बद्रीनाथ ने कहा कि अखिल भारतीय पंचायत परिषद अपने मुख पत्र पंचायत संदेश में गांधी जी के विचारों की प्रासंगिकता को संदर्भित करते हुए विशेष आलेख का संपादन कर रही है जिसे आगामी हफ्ते में रिलीज किया जाएगा ।
इस मौके पर अखिल भारतीय पंचायत परिषद के महामंत्री ध्यानपाल सिंह, शुक्लाजी समेत अन्य पदाधिकारी, कर्मचारी व अन्य गण्यमान्य उपस्थित रहे।

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