NEWYARK : वुहान जैसी बनती जा रही हालात, एक दिन में 13000 नये कोरोना मरीज

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एक सप्ताह में अमेरिका में कोरोना पीड़ित मरीजों की संख्या 10000 से 60000 पहुंची। न्यूयार्क में बुधवार को 243 लोगों की मौत

रिपोर्ट4इंडिया इंटरनेशनल डेस्क/ New Delhi.

दुनिया का सर्वशक्तिशाली देश अमेरिका और दुनिया की आर्थिक राजधानी न्यूयॉर्क में कोरोना ने तबाही मचा दी है। जिस प्रकार से अमेरिका में कोरोना पॉजिटिव पीड़ितों की संख्या बढ़ती जा रही है उससे ऐसा प्रतीत होता है कि कहीं वह इटली को भी पीछे न छोड़ दे। बीते एक सप्ताह में अमेरिका में कोरोना पॉजिटिव केस 10000 से बढ़कर 60000 तक पहुंच गया है। अमेरिका में तीन दिन में ही मौत का आंकड़ा दोगुना से अधिक होकर 1000 को पार कर गया है। 23 मार्च को जहां मौत का आंकड़ा 400 था वहीं 26 मार्च को यह बढ़कर 1000 से पार हो गया। बुधवार को केवल न्यूयॉर्क में 243 मरीजों की मौत हो गई।

अमेरिका में रोजाना खराब हो रहे हालात के मद्देनज़र बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डव्ल्यूएचओ) पर भड़क गये। एक दिन पहले वे अपने देश में मीडिया पर बरसे थे और उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मीडिया संगठन उन्हें आगामी चुनाव में हराने को लेकर काम कर रहे हैं।

हालांकि, अमेरिका में जिस तरह से कोरोना भयावह होता जा रहा है उससे ऐसा लगता है कि दुनिया की आर्थिक गतिविधियों का केंद्र न्यूयॉर्क शहर की हालात चीन के वुहान जैसी होने वाली है। कोरोना से पीड़ित मरीजों की संख्या के लिहाज से अमेरिका चीन, इटली के बाद तीसरा देश बन गया है।

शुरू में अमेरिका ने वही गलती कर दी जो इटली, स्पेन व फ्रांस आदि यूरोप के देशों ने की। कोरोना के बढ़ने फैलाव को अमेरिकी सरकार और नागरिकों ने नज़रंदाज की। न्यूयॉर्क में लोगों ने कोरोना को मज़ाक की तरह लिया। उन्होंने ‘सोशल डिस्टेसिंग’ की बात को हवा में उड़ा दिया। मीडिया से बातचीत में न्यूयॉर्क के नागरिक कोरोना संक्रमण को लेकर पूछे जाने पर इसे ज्यादा उत्तेजित करने वाला बताया।

उधर, प्रशासनिक स्तर पर शहरों को लॉकडाउन करने की जगह अमेरिका ने कोरोना के दवा बनाने लेने या उसके परीक्षण का दावा करने पर जोर देती रही। यानी, अमेरिकी सरकार ने जितनी तत्परता कोरोना संक्रमण को फैलाव से रोकने में दिखानी थी, उससे अधिक उसने दवा का परिक्षण करने में की। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप भी कई बार कोरोना के इलाज के लिए मलेरिया की दवा के कारगर होने का दावा करते रहे। यानी, अमेरिकी सरकार ने कोरोना संग्रकण की रोकथाम को लेकर सुरक्षात्मक उपाय पर सख्ती से ज्यादा दवा बना लेने पर जोर दिया। आज हालात है कि अमेरिका जैसे देश में तीन दिनों में 600 से ज्यादा लोग मर गए। अब, अमेरिका में ब्लेम गेम शुरू हो गया है। कई बड़े शहरों को बंद कर दिया गया है, इसके बावजूद मरीजों की संख्या पहाड़-सी होती जा रही है और मरने वाली की संख्या नीत-नया रिकॉर्ड बना रही है।

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