जामिया में एडमिशन में अनियमितता, ABVP के भूख हड़ताल पर जागा विश्वविद्यालय प्रशासन

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जामिया में प्रवेश संबंधी अनियमितता को लेकर एबीवीपी छात्रों का प्रदर्शन।

कश्मीरी छात्र के एडमिशन में विवि प्रशासन की लापरवाही का आरोप और एडमिशन स्कोर कॉर्ड सार्वजनिक किये जाने को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे छात्र

 report4india/ New Delhi.

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में प्रवेश संबंधी गड़बड़ी, हॉस्टल फीस में भारी बढ़ोतरी और अन्य शैक्षणिक समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र अनशन पर बैठे थे। पिछले 50 घंटों से जारी भूख हड़ताल के बाद आखिरकार विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों की मांगों पर विचार को लेकर अपनी सहमति दी। इसके बाद छात्रों ने भूख हड़ताल वापस ले ली है। अभाविप ने कहा है कि, छात्रहित में संगठन आगे भी अपनी आवाज़ को उठाता रहेगा।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में जामिया मीलिया में प्रवेश संबंधित अनियमितता व अन्य शैक्षणिक समस्याओं को लेकर छात्र पिछले दो दिनों से परिसर में धरने पर बैठे हुए थे। मांगों को लेकर विवि प्रशासन अनसुनापन पर छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। छा6 के अनुसार, जामिया विवि प्रशासन ने भूख-हड़ताल पर बैठे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बात कर उनकी मांगों को माने जाने पर अपनी सहमति दी। जिसके बाद भूख हड़ताल को स्थगित कर दिया गया।

छात्रों ने बताया कि, जामिया विवि प्रशासन की लापरवाही से कश्मीरी छात्र एहसान अली का दाखिला फीस समय पर जमा नहीं हो सका। इसके विरोध में अभाविप ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दी। अभाविप का आरोप है कि जामिया विवि प्रशासन दाखिले को लेकर स्कोर कॉर्ड बी सार्वजनिक नहीं कर रहा था। जबकि छात्र लगातार एडमिशन स्कोर कार्ड दिखाने की मांग कर रहे थे। छात्रों का मानना है कि इसके एडमिशन स्कोर कॉर्ड सार्वजनिक नहीं किये जाने के पीछे भ्रष्टाचार है। अभाविप ने अपनी मांगों में हॉस्टल फीस वृद्धि का मुद्दा भी प्रशासन के सामने रखा। छात्रों का कहना है कि इस वर्ष हॉस्टल फीस 7,200 रुपये से बढ़ाकर 15,500 रुपये कर दिया गया है, जो छात्रों पर वज्रपात के समान है।

अभाविप जामिया इकाई के सह-मंत्री नासिर ने कहा, हम पिछले दो दिनों से शैक्षणिक भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। विद्यार्थी परिषद के संघर्ष का परिणाम रहा कि प्रशासन ने हमारी मांगों पर अपनी सहमति दी। उन्होंने कहा, छात्र हित में हमारा संगठन हमेशा तत्पर रहेगा।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दिल्ली प्रांत के मंत्री अक्षित दहिया ने बताया, मांगों को लेकर पिछले 50  घंटे से छात्रों का भूख-हड़ताल जारी था। प्रशासन ने मांगों पर अपनी रजामंदी दी है। हम खासकर गरीब परिवार के छात्रों के हित को लेकर सजग हैं। आगे भी अनियमितताओं व भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध करेंगे।