गांधी और कांग्रेस आज बिलकुल अलग-अलग 

0
115
modi-with-gandhi-charkha

दांडी मार्च के 89 साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 1947 में ही गांधीजी कांग्रेस को भंग करना चाहते थे। 

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

नई दिल्ली। अपने गृह राज्य गुजरात से लोकसभा 2019 घोषणा के बाद चुनाव अभियान शुरू करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, महात्मा गांधी कांग्रेस को स्वतंत्रता के तत्काल बाद ही भंग करना चाहते थे। वे गांधी जी और 80 सत्याग्रहियों द्वारा द्वारा 1930 में आज ही के दिन शुरू की गई डांडी यात्रा की 89वीं वर्षगांठ के अवसर पर अपने ब्लॉग के माध्यम से सवाल उठाए। उन्होंने कहा, आज कांग्रेस गांधीजी के सिद्धांतों के एकदम विपरीत है।

गुजरात में साबरमती आश्रम से समुद्र तटीय गांव डांडी तक पैदल मार्च कर ‘मुट्ठी भर नमक से ब्रिटिश साम्राज्य को हिलाकर रख देने वाले’ गांधीजी का अभिवादन करते हुए मोदी ने कहा, “यद्यपि डांडी मार्च अनैतिक नमक कानून के खिलाफ शुरू किया गया था, लेकिन इससे ब्रिटिश सरकार की जड़ें हिल गईं और यह अन्याय और असमानता के खिलाफ लड़ाई का सबसे बड़ी प्रतीक बन गया।”

पीएम मोदी ने अपने पाठकों से पूछा, “क्या आपको पता है कि डांडी यात्रा की योजना बनाने में मुख्य भूमिका किसकी थी?” उन्होंने कहा, “वह महान सरदार पटेल थे जिन्होंने 390 किलोमीटर लंबी डांडी यात्रा के प्रत्येक मिनट की योजना बनाने में मुख्य भूमिका निभाई थी।” उन्होंने कहा, “गांधी जी ने अपने कई कार्यो के माध्यम से बताया कि वे असमानता और जातिगत भेदभाव पर विश्वास नहीं करते। दुखद है कि कांग्रेस ने समाज को बांटने में कभी संकोच नहीं किया।”
पीएम ने गांधीजी के विचारों और कांग्रेस की संस्कृति के विरोधाभासी बिंदुओं का उल्लेख करते हुए कहा, “सबसे भयानक जातिगत दंगे और दलित-विरोधी नरसंहार कांग्रेस के शासन में हुए।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here