बीमारी पकड़ में आने के ठीक 365वें दिन मनोहर ने किया ‘अलविदा’

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मनोहर पर्रिकर : अब यादों में बस।

गोवा के सीएम रहते हुए 18 मार्च 2018 को पता चला कि मनोहर पर्रिकर को अग्नाशय कैंसर (पैन्क्रियाटिक) है। मेडिकल साइंस में इस बीमारी को ‘मूक मौत’ भी कहा जाता है।

रिपोर्ट4इंडिया/ नेशनल डेस्क।

नई दिल्ली। पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के चार बार सीएम रहे मनोहर पर्रिकर का 63 साल की उम्र में निधन हो गया। 18 मार्च 2018 को मेडिकल जांच में पता चला कि उन्हें अग्नाशय कैंसर (पैन्क्रियाटिक कैंसर) है। इसके बाद उनका अमेरिका से लेकर दिल्ली एम्स में इलाज हुआ।

डॉक्टरों ने एक प्रकार से बता दिया था कि इस बीमारी का इलाज़ संभव नहीं है। मौत निश्चित है, यह जानते हुए भी मनोहर पर्रिकर ने मरते दम तक गोवा की सेवा का व्रत लिया। यह बात आईआईटी में उनके साथ पढ़ने वाले उनके मित्र ने बताया। मनोहर पर्रिकर में गजब की जीवटता थी।

मेडिकल साइंस कहता है कि पैन्क्रियाटिक कैंसर ‘मौन मौत वाला कैंसर’ है। इसकी जानकारी तब लगती है जब कैंसर आग्नाशय से निकलकर दूसरे अंगों में फैल जाता है। इसीलिए यह घातक हो जाता है। यह बीमारी ज्यादातर 60 साल के उम्र के बाद ही होती है।

बीमारी के खास लक्षण हैं-

पेट के ऊपरी भाग में दर्द होने के साथ ही शरीर में कमजोरी और वजन घटने लगता है। त्वचा के रंग में भी बदलाव दिखने लगते हैं। आंख और पेशाब का रंग पीला हो जाता है। भूख नहीं लगता है और शरीर का वज़न अचानक तेजी से कम होने लगता है।

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