गुरुग्राम : घरनुमा मस्जिद सील, मुसलिम समाज धरने पर  

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शहर के अनअप्रुव्ड शीतला कॉलोनी में घर को मस्जिद में तब्दील करने का विवाद बढ़ा, स्थानीय लोगों ने तथाकथित मस्जिद के छत पर लगे लाउडस्पीकर से अज़ान को लेकर जताई थी आपत्ति   

धरने पर बैठे मुसलिम समाज के लोगों की मांग, सील तुरंत हटाया जाए

गुरुग्राम के शीतला कॉलोनी में घर में बने मस्जिद को सील किए जाने पर घरने पर बैठे लोग। सील तीन मंजिला घर जो एक मस्जिद था  (इनसेट में)।gurugram-masjid-case

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

गुरुग्राम। शहर के अनअप्रुव्ड और आयुध डीपो के प्रतिबंधित तीन सौ मीटर के एरिया में घर में चलाए जा  रहे मस्जिद को लेकर विवाद बढ़ गया है। बुधवार को दोपहर एक बजे नगर निगम ने मकान को सील कर दिया। सील किए जाने के बाद मुसलिम समाज के लोग मस्जिद के सामने ही घरने पर बैठ गए हैं। सुरक्षा को एहतियातन बड़ी संख्या में पुलिस बल को लगाया गया है। एसीपी मौके पर कैंप कर रहे हैं। आसपास के दो-तीन थानों की पुलिस को तैनात किया गया है। मंगलवार शाम को ही स्थानीय निवासियों सहित बड़ी संख्या में हिन्दू समुदाय के लोग वहां जुटे थे।

घरने पर बैठे मुसलिम एकता मंच के अध्यक्ष शहज़ाद खान ने कहा कि प्रशासन ने बिना किसी नोटिस के मकान को सील कर दिया। उन्होंने कहा कि पास में ही चर्च और मंदिर से किसी को दिक्कत नहीं है लेकिन मस्जिद से उन्हें परेशानी है। लाउडस्पीकर चलाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि आपत्ति के बाद लाउडस्पीकर को हटा दिया गया था। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सील को तुरंत खोला जाए।

उधर, स्थानीय निवासी मनोहर यादव, प्रमोद गुप्ता, रमेश गुप्ता केएम क्षीवास्तव आदि ने कहा कि करीब चार साल पहले यह घर बनाया गया। यह पूरी तरह से तीन मंजिला आवासीय है। धीरे-धीरे यहां बाहर से बड़ी संख्या में मुसलिम समाज के लोग आने लगे और इसे घोषित तौर पर मस्जिद में तब्दील कर दिया गया। पिछले छह माह से मकान के छत पर चारों तरफ बड़ी-बड़ी लाउडस्पीकर लगा दी गई। सुबह चार बजे से लेकर शाम तक कुछ-कुछ घंटों में तेज़ आवाज़ में आज़ान पढ़े जाने से लोगों को भारी परेशानी होने लगी थी। ईद के बाद यहां भीड़भाड़ और शोरगुल और ज्यादा बढ़ गया। बड़ी संख्या में बाहर के लोग यहां आने लगे।

यह सवाल पूछे जाने पर कि पास में चर्च और मंदिर भी तो हैं। इस पर स्थानीय लोगों ने कहा कि इन्हें मस्जिद बनानी थी तो सीधे मस्जिद बनाते। मस्जिद घर जैसे तो नहीं बनते। किसी को कोई परेशानी होती तो निर्माण के समय ही सभी बात करते। लेकिन बाहर के कुछ लोगों ने पूरी योजना के तहत इसे घर बनाया और फिर उसे मस्जिद में तब्दील कर दिया। 87 वर्ग गज में बने इस घर के दूसरे फ्लोर पर मदरसा भी चलाया जाता है।

उधर, हिंदू संगठनों का आरोप है कि यह एक घर है और इसका इस्तेमाल मस्ज़िद के तौर पर किया जा रहा है। साफतौर पर ये नियमों का उल्लंघन है। यहां रोज़ाना सैकड़ों लोग बाहर से आते हैं। लाउडस्पीकर के अज़ान से भी लोगों को परेशानी होती है। इस पर पहले भी विवाद हो चुका है।

 

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