शरिया अदालत के मुकाबले में देश का पहला हिन्दू कोर्ट गठित

0
118
hindu-court

तील तलाक को गैरकैनूनी करार देने के बाद कट्टर मुसलिम नेताओं ने इसके काट के तौर पर देश भर में शरिया अदालतें खोलने का फैसला किया और कुछ स्थानों पर खोला भी। इसके जवाब में अखिल भारतीय हिन्दू महासभा ने देश में पहली हिन्दू अदालत खोल दिया।

मेरठ में पहले हिन्दू कोर्ट की महिला जज को विधि-विधान से नियुक्त किया गया। hindu-court

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

मेरठ। देश अगर संविधान से चल रहा है और संविधान ही मूल है तो फिर कांग्रेस के राज में मुसलमानों के लिए अलग से कई कानूनी व्यवस्था स्थापित करने को लेकर अक्सर सवाल उठते रहे हैं। केंद्र में और देश के 21 राज्यों में बीजेपी की सरकार आने के बाद यह बहस शुरू हुआ है कि अब मुसलमानों को लेकर अलग से बने कानूनों की समीक्षा हो। उधर, सुप्रीम कोर्ट द्वारा तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित किए जाने के बाद संसद में कानून लंबित है।

उधर, इसके काट के लिए मुसलिम पर्सनल ला बोर्ड ने देश भर में शरिया कोर्ट खोलने की घोषणा की। सवाल उठने पर मुसलमानों के लिए अलग से नियम-कानून की दुहाई दी जाने लगी। इस पर हिन्दू संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी। अब अखिल भारतीय हिन्दू महासभा ने कहा है कि ऐसे में हिन्दुओं को भी अपने धर्म के अनुसार कोर्ट और अन्य नियमों को लागू करने का आधिकार है। महासभा ने बुधवार को मेरठ में शरिया कोर्ट की तर्ज पर देश की पहली हिंदू अदालत स्थापित करने का ऐलान कर दिया। इसके लिए महिला न्यायाधीश एक नामित करने की घोषणा की।

महासभा के अनुसार, 2 अक्टूबर को अदालत का बायलॉज सार्वजनिक कर दिया जाएगा और नाथूराम गोडसे के फांसी के दिन 15 नवंबर को यूपी के पांच अन्य जिलों में अदालत खोल दी जाएगी। महासभा ने कहा कि एससी-एसटी ऐक्ट हिंदुओं को आपस में लड़ाने वाला है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here