गुरुग्राम में ओझल ‘स्मृति’ खंगालने आईं ‘ईरानी’…बरबस निकल आए आंसू (वीडियो)

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करीब 35 साल पहले गुरुग्राम के न्यू कॉलोनी में किराए के घर में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी का बीता था बचपन। यहां आकर वह बीते एक-एक पल को गुजार लेना चाह रहीं थीं। गलियां, सड़कें, दुकानें …डोडा व आलू टिक्की का वहीं स्वाद! …पर वो घर ही नहीं जहां वर्षों गुजरा…इसीलिए आंखों से आंसू छलक पड़े। …काश वे कमरे, कीचन, आंगन होता तो कई अहसास व स्मृतियां सामने होती …

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मनोज कुमार तिवारी/रिपोर्ट4इंडिया।

गुरुग्राम। कहते हैं कि एक नेमिषारण्य है जो आंखों को नहीं दिखता, वहां जीवनमुक्त आत्माओं के मेले लगते हैं। वहां मुक्त आत्माएं मोक्ष और जीवन के बीच अमरता व नश्वरता का अद्भुत संगम रचती है। इस संगम में सरस्वती ऐसी ज्योति बनकर प्रकट होती है जो मानव जीवन में आयी कालस को धो देती है। ऐसा ही एक नेमिषारण्य अपनी आंखों में लिए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी गुरुग्राम के न्यू कॉलोनी स्थित उस घर को देखने पहुंची जहां बचपन की स्मृतियां उनकी प्रतीक्षा कर रहीं थी। घर, आंगन, गलियां, चौबारे सब यादों में हैं परंतु यह क्या! हकीकत में बदल गए थे। बरबस, उनकी आंखों से  आंसू निकल आए।

एकता कपूर के वेब पोर्टल अल्‍टबालाजी की नई वेव सीरिज ‘होम’ जिसमें एक परिवार अपने घर और सोसायटी को बचाने के लिए लगातार जद्दोजहद करता है। इसके प्रमोशन के लिए कई सेलीब्रिटीज अपने असली घर से जुड़े अनुभव शेयर कर रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के गुरुग्राम में किराए के मकान में बचपन के बीते कई अनुभव वहां रहने वाले दोस्तों, परिजनों के साथ साझा करते हुए एक वीडियो रिलिज़ हुआ है।

स्‍मृति ईरानी अपने बचपन के बीते समय को याद करतीं हुईं उस घर में पहुंची तो वह उस समय के मूलस्वरूप से बिल्कुल बदला हुआ था। घर की जगह वहां वर्कशॉप चल रहे थे। स्मृति ईरानी उस बदले हुए घर में भी बचपन के दौर के घर की कीचेन, आंगन, छत व गलियों को निहार रहीं हैं। इस दौरान गुजरे हर एक पल उनकी स्मृति में सामने था। बीते दौर के घर को उस रूप में न पाकर बरबस उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

इस दौरान उन्होंने गलियों व दुकानों को भी देखा। उन्होंने एक दुकान की याद ताज़ा करते हुए कहा, एक डॉल जो तब 130 रुपए की थी, वह खरीद नहीं पाई थी। आज 130 रुपये पास हैं लेकिन वह डॉल नहीं। इसी का नाम तो जीवन है।

उल्लेखनीय है कि बालाजी टेली फिल्म की टीवी ‘क्योंकि सीरियल सास भी कभी बहू थी’ में प्रसिद्ध ‘तुलसी’ के किरदार से स्मृति ईरानी को पहचान मिली थी। आज वह केंद्रीय मंत्री हैं।

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