IRCTC घोटाले में लालू, राबड़ी, तेजस्वी को जमानत

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लालू प्रसाद पर 2004 से 2009 के बीच रेलमंत्री रहते हुए रेलवे के पुरी और रांची स्थित होटल के रखरखाव आदि एक कंपनी को देने के बदले पटना में तीन एकड़ भूखंड पाने का आरोप है। 

रिपोर्ट4डिया ब्यूरो।

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन (IRCTC) घोटाले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके पुत्र व राजद नेता तेजस्वी यादव तथा पत्नी राबड़ी देवी को पटियाला हाउस कोर्ट ने नियमित जमानत दे दी है। कोर्ट ने तीनों को एक लाख रुपये के पर्सनल बॉन्ड पर जमानत मंजूर की है। मामले में अगली सुनवाई 11 फरवरी को होगी।

सोमवार को हुई सुनवाई के बाद पटियाला हाउस कोर्ट ने लालू प्रसाद के साथ उनकी पत्नी और पुत्र को नियमित जमानत दे दी। हालांकि, जमानत के बाद भी लालू प्रसाद रांची जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। वे चारा घोटाले के कई मामलों में सजायाफ्ता हैं।

उधऱ, जमानत पर तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्हें जमानत मिलने का विश्वास था।

उल्लेखनीय है कि लालू प्रसाद पर आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच रेलमंत्री रहते हुए उन्होंने रेलवे के पुरी और रांची स्थित बीएनआर होटल के रखरखाव आदि के लिए आईआरसीटीसी को स्थानांतरित किया था। सीबीआई के मुताबिक, नियम-कानून को ताक पर रखते हुए रेलवे का यह टेंडर विनय कोचर की कंपनी मेसर्स सुजाता होटल्स को दे दिये गये थे।

आरोप है कि टेंडर दिये जाने के बदले 25 फरवरी 2005 को कोचर बंधुओं ने पटना के बेली रोड स्थित तीन एकड़ जमीन सरला गुप्ता की कंपनी मेसर्स डिलाइट मार्केटिंग कंपनी लिमिटेड को कम कीमत में बेच दी, जबकि उस समय बाजार में उसकी कीमत ज्यादा थी।

इस जमीन को कृषि जमीन बताकर सर्कल रेट से काफी कम पर बेच स्टांप ड्यूटी में चुराई गई और बाद में 2010 से 2014 के बीच यह बेनामी संपत्ति लालू प्रसाद की पारिवारिक कंपनी लारा प्रोजेक्ट को सिर्फ 65 लाख रुपये में ही दे दी गयी, जबकि उस समय बाजार में इसकी कीमत करीब 94 करोड़ रुपये थी। आरोप के मुताबिक यह जमीन रेलवे के होटल सुजाता कंपनी को दिए जाने के बदले लालू परिवार को दिया गया था।

 

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