कांग्रेस के विरोध के बावजूद J&K में राष्ट्रपति शासन और आरक्षण बिल पास होने की उम्मीद

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विरोध के बाद भी राज्यसभा में सपा, राजद, बीजेडी, जदयू, टीएमसी आदि विपक्षी पार्टियों ने बिल का किया समर्थन  

Report4india Bureau.

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रीय शासन बढ़ाने का प्रस्ताव राज्यसभा में आसानी से पास हो जाएगा। कांग्रेस को छोड़ विरोध के बावजूद अन्य कई विपक्षी दलों ने प्रस्ताव का समर्थन किया है। इसके साथ ही गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में आरक्षण संशोधन विधेयक भी राज्यसभा में पेश किया. आरक्षण बिल को लोकसभा से मंजूरी मिल चुकी है।

अमित शाह ने राज्यसभा में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर रह रहे लोगों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा, एलओसी के लोगों की समस्याओं एक जैसी हैं और उन पर भी पाकिस्तान की ओर से की जाने वाली गोलीबारी का असर होता है, ऐसे में उन लोगों को भी आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।

जेडीयू सांसद रामचंद्र प्रसाद ने जम्मू कश्मीर में राष्ट्रपति शासन को बढ़ाने के प्रस्ताव और आरक्षण बिल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय में फैक्स बहुत ज्यादा काम कर रहा था। राज्यपाल के प्रस्ताव पर रूप में मौजूद राष्ट्रपति को रात में जगाकर दस्तखत कराए गए थे। प्रसाद ने कहा कि राष्ट्रपति शासन में बहुत काम होता है और कलेक्टर रहने के दौरान मैंने ऐसे हालात में यूपी के चार जिलों में काम किया है। जेडीयू सांसद ने कहा कि जम्मू क्षेत्र के तीनों जिलों में आरक्षण का लाभ मिलेगा और इसके लिए केंद्र सरकार बधाई की पात्र है।

गृहमंत्री अमित शाह लोकसभा में जम्मू-कश्मीर में राष्ट्रपति शासन की मियाद बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया था। केंद्र सरकार के पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है लेकिन कई विपक्षी दलों के चलते पास होने में कोई अड़चन नहीं आएगी। संभव है राज्यसभा में कांग्रेस भी अंत में बिल का सपोर्ट कर दे।

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