गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हमले में केजरीवाल की सियासत  

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अरविंद केजरीवाल वहीं शख्स हैं जिन्होंने लोगों से करोड़ों रुपए का चंदा लिया और आंदोलन शुरू कर राजनीति पर हमले किए। दूसरी पार्टियों के बारे में कहा कि इनका मकसद सत्ता हथियाना है। बाद में वे आंदोलन से राजनीति की राह पकड़ कर नई राजनीति शुरू करने का ऐलान किया। लेकिन आज केजरीवाल उसमें गहरे धस चुके हैं। केजरीवाल ऐन-केन प्राकरेण वहीं सबकुछ कर रहे हैं जिससे कि उन्हें सत्ता मिल सके।     

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रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

नई दिल्ली। दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को अब देश की सियासत व सत्ता इतना अधिक भा गया है कि वे दूसरे राजनीतिक पार्टियों से भी दो कदम आगे निकल गए हैं। गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमला को लेकर केजरीवाल ने भी अपनी राजनीतिक बयानबाजी शुरू कर दी है। केजरीवाल ने कहा, गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमलों से दिल्ली में रह रहेउत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों में नाराजगी पैदा हो रही है। साफ है, केजरीवाल दिल्ली में बिहार व उत्तर प्रदेश के लोगोंको राजनीतिक तौर पर साधने की कोशिश की है। केजरीवाल चाहते हैं कि वे दिल्ली में लोकसभा चुनाव में कुछ सीटें इस बार जरूर जीत लें। दिल्ली में जीत के लिए बिहार व अन्य प्रदेशों के लोगों का समर्थन बहुत जरूरी है। इसीलिए केजरीवाल ने इस तरह का बयान दिया है।

हालांकि, केजरीवाल के इस बयान पर लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की है। दिल्ली के मॉडल टाउन क्षेत्र में रहने वाले हिमांशू कहते हैं कि केजरीवाल पुराने राजनीतिक पार्टियों से ज्यादा पैतरा मारने लगे हैं। हिमांशू ने कहा कि गुजरात की घटना के सदर्भ में राजनीति करने वाले केजरीवाल दिल्ली में बिहार व उत्तर प्रदेश के लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं। गुजरात के चलते जब दिल्ली में रहने वाले बिहार-उत्तर प्रदेश के लोग नाराज़ है तो वे इस बात से ही नाराज़ हो सकते हैं कि दिल्ली में जब बाहरी लोगों का बड़ा वोट बैंक हैं तो फिर केजरीवाल किस हैसियत से सीएम हैं? फिर तो दिल्ली का सीएम भी कोई बिहार का ही होना चाहिए।

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