पुलिस ने नजदीक कैंप होने के बाद भी राहत-बचाव को सेना नहीं बुलाया ताकि…

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देश में एकमात्र शहर कोलकाता है जहां चालू हालत में लगातार पुलें ढह रहीं हैं। अन्य कोई उदाहरण देश में नहीं मिलेगा। लेकिन पुलों के ढहने के बाद सीएम ममता बनर्जी की गैरमौजूदगी में  पश्चिम बंगाल की पुलिस मौत के आंकड़े छुपाने में बहुत आगे है। दक्षिण कोलकाता के तारातल्हा में मांझेरहाट पुल के ध्वस्त होने के कई घंटों के बाद सवाल उठाए जाने पर आर्मी को मौके पर बुलाया गया।  

दक्षिण कोलकाता के तारातल्हा में मांझेरहाट फ्लाइओवर ध्वस्त हो गयाkolkata-Majerhat-bridge-col

रिपोर्ट4इंडिया संवाद।

कोलकाता। एकबार फिर कोलकाता में सड़क पुल के गिरने की घटना हुई है जिसमें फिलहाल कम से कम एक की मौत और 19 लोगों के घायल होने की खबर है। यहां दक्षिण कोलकाता के मांझेरहाट में रेलवे ट्रैक के उपर बना फ्लाइओवर का एक हिस्सा अचानक ढह गया। लेकिन, कोलकाता पुलिस की करामात देखिए कि वह मौके पर पहुंचे लोगों को घटनास्थल पास जाने से रोकने लगी लेकिन राहत व बचाव के लिए घटनास्थल के ही नजदीक स्थित आर्मी को सूचना नहीं दी गई।

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पूछे जाने पर स्थानीय लोग बताते हैं कि नजदीक स्थित आर्मी को बचाव व राहत के लिए बुलाया जाना चाहिए था लेकिन ममता सरकार ने इस घटना में कैजुअल्टी को छुपाने के लिए सेना को तुरंत बुलाने से परहेज़ किया। इसके पीछे पुलिस मौत के सही आंकड़े से पर्दा डालने की कोशिश के तौर पर देखा जाना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि एक अप्रैल 2016 को कोलकाता के बड़ा बाजार एरिया में गिरीश पार्क के पास निर्माणाधीन पुल के गिरने के कम से कम 24 लोगों की मौत हो गई थी। उस दौरान सेना को बचाव कार्य के लिए उतारा गया था।

सीएम ममता बनर्जी राजधानी कोलकाता से बाहर हैं और वे बुधवार को ही कोलकाता पहुंच सकती हैं।

उधर, केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि एनडीआरएफ की चार टीमें घटनास्थल पर बचाव कार्य में जुटी हैं और एक और टीम वहां पहुंचने वाली है।

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