ध्यान रखें, इन्हें होता है डायबिटीज का खतरा

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डायबिटीज की बीमारी अब आम हो गई है। अब यह बच्चों को भी होने लगी है जो विश्व के सामने चुनौती बनी हुई है। इसे लेकर हमेशा नए-नए शोध हो रहे हैं।

रिपोर्ट4इंडिया फीचर डेस्क।

नई दिल्ली। तेजी से पांव पसारती डायबिटीज दुनिया के लिए चुनौती बन गई है। पहले जो बीमारी उम्र दराज लोगों में होती थी अब बच्चे भी तेजी से इसके चपेट में आने लगे हैं। डायबिटीज को लेकर नए-नए शोध हो रहे हैं। हाल ही में हुए एक नए शोध के मुताबिक छोटे कद के लोगों में डायबिटीज का खतरा ज्यादा होता है।

डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसमें सेहत का खास ध्यान रखना पड़ता है। नए शोध के अनुसार लंबे कद वाले पुरुषों में 41 फीसदी और महिलाओं में 33 फीसदी डायबिटीज का खतरा कम होता है। डायबिटीज का खतरा लंबाई और वजन के अनुसार घटता-बढ़ता है। शोध के अनुसार छोटे कद के लोगों में लिवर फैट की मात्रा सबसे ज्यादा होती है जिस वजह से टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है।

इसके अलावा शोध में यह भी सामने आया है कि लंबे लोगों में इंसुलिन सेंसिटिविटी और हार्मोन का स्राव करने वाली अग्नाशय की विशेष कोशिकाएं बेहतर कार्य करती हैं। यह शोध ‘डायबिटोलोजिया’ जर्नल में प्रकाशित किया गया है। इस शोध में 40 से 65 साल के आयु के लगभग 16,600 महिलाओं और 11,000 पुरुषों को शामिल किया गया था।

टाइप 2 डायबिटीज

डायबिटीज के 2 प्रकार हैं। पहला टाइप 1 डायबिटीज और दूसरा टाइप 2 डायबिटीज। टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों के खून में शुगर का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, जिसे नियंत्रित करना बहुत मुश्किल होता है। इस बीमारी से ग्रसित मरीज को बहुत प्यास लगती है। इसके अलावा बार-बार पेशाब लगना और भूख लगने जैसी समस्याएं होती हैं। टाइप 2 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन का सही तरीके से प्रयोग नहीं कर पाता है।

टाइप 1 डायबिटीज

टाइप 1 डायबिटीज किसी भी उम्र के लोगों को हो सकती है। लोकिन आमतौर पर 6 से 18 साल के आयु वाले बच्चों में यह बीमारी ज्यादातर देखने को मिलती है। यूं कहे तो यह बीमारी बच्चों में ज्यादा पाई जाती है। इस प्रकार के डायबिटीज में पैन्क्रियाज की बीटा कोशिकाएं पूरी तरह से नष्ट हो जाती हैं और इस तरह इंसुलिन का बनना सम्भव नहीं होता है।

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