शक्तिशाली राष्ट्र निर्माण को स्वामी विवेकानंद के युवाओं का आह्वान आज भी प्रासंगिक

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गुरु्ग्राम में मंगलवार को मीडिया से मुखातिब विवेकानंद केंद्र की पंजाब और हरियाणा प्रांत की संगठन मंत्री अलका गौरी जोशी। उनके साथ हैं जिला संयोजक वीणा घुरई।

विवेकानंद रॉक मेमोरियल स्थापना के 50 वर्ष पूरा होने पर एक वर्ष तक चलेगा देश के प्रति उठो, जागो का मंत्र जन-जन तक पहुंचाने का अभियान  

Report4India Bureau/ Gurugram.

उठो, जागो और लक्ष्य तक पहुंचने तक मत रुको के अग्रिधर्मा विचार को जन-जन तक पहुंचाकर ‘एक भारत और विजयी भारत’ के लक्ष्य को हासिल किया जाएगा। स्वामी विवेकानंद कहते हैं कि मै उस भगवान का सेवक हूं जिसे अज्ञानी लोग मनुष्य कहते हैं, इसी विचार को लेकर सबको साथ लेकर शक्तिशाली राष्ट्र का निर्माण करना है। यह कहना है विवेकानंद केंद्र की पंजाब और हरियाणा प्रांत की संगठन मंत्री अलका गौरी जोशी का। वह यहां विवेकानंद रॉक मेमोरियल स्थापना के पचास साल पूर्ण होने पर पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहीं थीं।

इस मौके पर अलका गौरी जोशी ने कहा कि आधुनिक भारत के युवाओं को सकारात्मक ऊर्जा के साथ देश के प्रति संस्कार भरने में स्वामी विविकानंद का कोई सानी नहीं। इसीलिए उन्हें युवाओं का आइकन के रूप में देखा जाता है। उनका स्पष्ट मानना था कि युवा ही किसी देश को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने, इस सदर्भ में 10 जुलाई 1893 को अमेरिका जाने के क्रम में जापान के याकोहामा स्थित ओरिएंटल होटल से भारत के युवाओं के नाम एक संदेश पत्र लिखा था और कहा था और युवाओं का आह्किवान किया कि वे पीछे मुड़कर न देखें, सबकुछ छोड़ आगे बढ़ते जाना है। उन्होंने कहा कि दुनिया के अन्य देश किस प्रकार आगे बढ़ रहे हैं, इसे समझें और देश को शक्तिशाली बनाने को आगे आएं।

उन्होंने कहा कि 1893 में अमेरिका जाने से करीब सात माह पहले 25 से 27 दिसम्बर 1892 को तीन दिन और तीन रात कन्याकुमारी के समुद्रतट स्थित चट्टान पर ध्यान लगाया था। स्वामी विवेकानंद के जन्मशताब्दी वर्ष 1963 के मौके पर एकनाथ रानाडे ने समुद्रतट से दूर स्थित उस शिला पर विवेकानंद रॉक मेमोरियल की स्थापना करने का भाव संजोया और उसे आगे बढ़ाना शुरू किया। इसके पक्ष में उन्होंने सभी दलों व विचारधारा के 323 सासंदों के हस्ताक्षर कराए। फलस्वरूप सात साल बाद 2 सितम्बर 1970 को विवेकानंद रॉक मेमोरियल का उ्दघाटन किया गया।  विवेकानंद रॉक मेमोरियल के 50 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में  2 सितम्बर 2019 से लेकर 2020 तक देशव्यापी संपर्क अभियान चलाया जा रहा है।

गुरुग्राम में अक्टूबर 2020 तक चलेगा संपर्क अभियान

गुरुग्राम जिला संयोजक वीणा घुरई ने बताया कि वर्ष 2020 अक्टूबर तक प्रत्येक व्यक्ति से संपर्क किया जाएगा। इस दौरान स्वामी विवेकानंद के विचारों को लेकर योग, शिक्षा, ग्रामीण विकास, युवा प्रेरणा, बच्चों मूल्य-शिक्षा, प्राकृतिक संसाधन विकास, ग्रामीण और जनजति क्षेत्रों में सांस्कृतिक अनुसंधान, प्रकाशन आदि विषयों पर जन जागरुक अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस अभियान की शुरुआत बीते सितंबर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने की थी।

स्वामी विवेकानंद ने 25, 26 और 27 दिसंबर 1892 को तीन दिन और रात कन्याकुमारी तट के मध्य समुद्र की चट्टान पर ध्यान किया था। भारतभूमि के उस आखिरी चट्टान पर बैठकर उन्होंने अपने जीवन के लक्ष्य की खोज की और देश के खोये हुए गौरव को फिर से स्थापित करने का संकल्प लिया था।

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