भारत की सारी ‘संवेदनाएं’ काशी से : अवधेशानन्द गिरीजी महाराज

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अवधेशानन्दजी महाराज।

जूनागढ़ अखाड़े के पीठाधीश ने कहा कि भारतीय संस्कृति का साक्षात वाहक रहा है काशी. यह मनु की, हरिश्चंद्र की काशी। हर भारतवासी अभिभूत है काशी के कल्प को निखारने के लिए। लंबे समय बाद देश को प्रधानमंत्री के रूप में मोदी मिले हैं जो न केवल भारत के प्राचीन नगरों को संवारा है, उसकी सांस्कृतिक विरासत को संजोया है। 

रिपोर्ट4इंडिया/ वाराणसी।

श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर के उद्धाटन के मौके पर वाराणसी में साधु-संतों, मनीषियों, विद्वानों, राजनेताओं का आने का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में जूनागढ़ आखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरीजी महाराज भी पहुंचे। इस दौरान काशी के काया-कल्प और काशी विश्वनाथ परिसर की समृद्धि औऱ उसका विस्तृतिकरण के हम साक्षी बन रहे हैं और यह एक ऐसे भारतीयता से परिपूर्ण प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हो रहा है, जो भारतीय संस्कृति में जीते हैं। उन्होने कहा, इसीलिए मैंने कहा था कि वे इस मामले में महारानी अहिल्याबाई की तरह हैं।