ममता बनर्जी की ‘उल्टी राजनीति’ पर हाईकोर्ट का हथौड़ा

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Members of Indian Medical Association, Trivandrum hold protest over violence against doctors in West Bengal.
केरल के त्रिवेंद्रम के डॉक्टर पश्चिम बंगाल के हड़ताली डॉक्टरों के समर्थन में विरोध करते हुए।

पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों के हड़ताल के मद्देनज़र कोर्ट का आदेश, तुरंत डॉक्टरों से बात करे सरकार। डॉक्टरों की सुरक्षा पर भी मांगा जवाब

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने बंगाल सरकार से कहा है कि तुरंत हड़ताली डॉक्टरों से बातचीत कर मामले को सुलझाए। हाईकोर्ट ने ममता सरकार से यह भी पूछा कि डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए। कोलकाता में डॉक्टरों से मारपीट के विरोध में देशभर के डॉक्टर शुक्रवार को हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के चलते देशभर में मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली के एम्स के भी डॉक्टर हड़ताल पर हैं।

अपनी आदत से मजबूर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर कुछ करने की बजाय डॉक्टरों को हड़काने और उन्हें सबक सिखाने की धमकी देने लगीं। जिसके विरोध में डॉक्टर और नाराज हो गए। यहां तक राज्य के विभिन्न मेजिकल कॉलेजों के 27 डॉक्टरों ने इस्तीफा दे दिया। डॉक्टरों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर किसी भी स्थिति काम पर नहीं लौटने की बात कही। ममता बनर्जी ने इस मामले में भी राजनीति करने से बाज़ नहीं आ रही है। उन्होंने डॉक्टरों की हड़ताल को भाजपा की साजिश बता दिया था और कहा कि बीजेपी बंगाल में माहौल बिगाड़ना चाह रही है, डॉक्टरों को भड़का रही है।

उल्लेखनीय है कि बीते 10 जून को कोलकाता के नील रत्न सरकार मेडिकल कॉलेज (एनआरएससी) में इलाज के दौरान एक 75 वर्षीय व्यक्ति की मौत पर गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों से भिड़ गए और उन्हें गालियां दी गई। कुछ देर बाद हथियारों के साथ भीड़ ने हॉस्टल में हमला कर दिया और दो जूनियर डॉक्टरों को पीटकर अधमरा कर दिया गया। बताया जाता है कि मारने वाले टीएमसी के कार्यकर्ता थे। इसीलिए सरकार ने उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया। उल्टे हड़ताली डॉक्टरों को धमकाने लगीं।

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