भारत-भूमि में समाहित हुए CDS बिपिन रावत

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उनकी बेटियां कृतिका और तारिणी ने पिता को श्रद्धांजलि अर्पित कर दी मुखाग्नि।  

report4india/ New Delhi.

भारतीय सेना के ‘पितामह’ रहे सीडीएस जनरल बिपिन रावत आज अपनी प्यारी भारत माता के मिट्टी में मिल गये। देश की नम आंखों ने उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। दिल्ली कैंट स्थित सेना के युद्ध स्मारक बरार स्क्वॉयर में 17 तोपों की सलामी के बीच दोनों बेटियों ने मां व पिता को एकसाथ मुखाग्नि दी। इससे पहले राष्ट्रपति कोविंद, गृहमंत्री अमित शाह उनके आवास पर पहुंचकर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। तीनों सेना प्रमुखों ने उन्हें कंधा दिया। फ्रांस के राजदूत इमैनुअल लेनिन, ब्रिटेन के राजदूत ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

नई दिल्ली के धौला कुंआ इलाके से गुजरता सीडीएस विपिन रावत पार्थिव।

इससे पहले, सेना के बेस अस्पताल से तोप गाड़ी से सीडीएस विपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत के पार्थिव शरीर को सेना के कैंट क्षेत्र के बरार स्क्वॉयर ले जाया गया। इस दौरान रास्ते भर लोगों ने विपिन रावत अमर रहे, भारत माता की जय, ‘जबतक सूरज चांद रहेगा सीडीएस विपिन रावत का नाम रहेगा’ के जयघोष के साथ फूलों की बारिश कर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। रास्ते भर बड़ी संख्या में युवा लड़के-लड़किया तथा अपने परिजनों के साथ बच्चों भी दिखाई दिये।

उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु के सुल्लूर जाने के दौरान कन्नूर में जिले में हेलीकॉप्टर जिसमें सीडीएस रावत अपनी पत्नी व अपने अन्य सहयोगियों के साथ सवार थे, हादसे का शिकार हो गया।  उनके निधन से देश के सैन्य बल को अपूरणीय क्षति हुई है।