Janata curfew : अद्भुत, अकल्पनीय, आश्चर्यजनक….इससे आगे कुछ कहो…ना, ‘करो…ना’

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जनता कर्फ्यू के दौरान गुरुग्राम शहर की सबसे व्यस्त रहने वाली सड़कें, चौक-चौराहे, सदर बाजार आदि पूरी तरह से ल़ॉकडाउन रहा।

चीन की चालबाज़ी और नालायकी का बेहद भयावह नतीजा आज पूरी दुनिया भुगत रही है। चीन से निकला दुनिया को दहलाने वाला वायरस कोरोना से निपटने के लिए पीएम मोदी के आह्वान पर रविवार को जिस जज्बे और आत्मानुशासन से समस्त देशवासियों ने कोरोना को हराने को जिस प्रकार से अपना मन-मष्तिष्क तैयार किया है, वह अकल्पनीय और अद्भुत है।”

Manoj Kumar Tiwary/ Report4India National Bureau/ New Delhi.

कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते प्रकोप को समय रहते नियंत्रण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से आत्मनियंत्रित ‘जनता कर्फ्यू’ लगाने का आग्रह किया था, जिसपर देश सौ फीसद खरा रहा। कोरोना से जूझ रही धरती को मुक्ति करने के लिए भारतीय ने अद्भुत आत्माअऩुशासन का परिचय दिया है।

21वीं शताब्दी के दूसरे दशक में पल रहे आधुनिक भारतीय समाज ने जिस प्रकार से आत्म नियंत्रित कर्फ्यू को सफल कर दिखाया है कि, देशवासी इस अनजाने, अदृश्य संहारक कोरोना वायरस से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं। हालांकि, जिस प्रकार का  ‘शत्रु’ हमारे सामने है, मात्र एक दिन के आत्मानुशासन से काम बनने वाला नहीं है। यह लड़ाई लंबी है। जिस तरह, भारत में मात्र 24 घंटे में कोरोना ग्रसित मरीजों की संख्या करीब 40 फीसद बढ़ गई और मौत का आंकड़ा करीब-करीब दोगुना हो गया है। विशेषज्ञों की मानें तो करोना को दूसरे फेज में हराने का यह अंतिम मौका देश के सामने है अन्यथा, तीसरे फेज में हमारी हार पक्की है। यह मौका कोरोना से आमने-सामने की सीधी लड़ाई का है और अभी नहीं तो फिर समर्पण तय है, हाहाकार तय है, चीत्कार तय है और लाशों का अंबार तय है। और हम यह सबकुछ इटली, ईरान, अमेरिका, स्पेन, फ्रांस सहित यूरोप के अन्य देशों में देश रहे हैं। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ठीक ही कहा कि हमारे सामने एक मौका है, इटली, ईरान और अमेरिका आदि देशों की देर से लॉकडाउन करने की गलतियों से सीख लेने की।

बहरहाल, आज जिस तरह से लोगों ने स्वयं नियंत्रण की मिशाल पेश की वह काबिले-तारीफ है। लोगों ने जोश के साथ पीएम के निर्देश पर अपनी जान जोखिम में डालकर करोनो पीड़ितों का इलाज़ में लगे डॉक्टर्स, नर्सेज़, लैब टेक्निशियन, सुरक्षा-व्यवस्था से जुड़े पुलिस-प्रशासन के लोग, सूचनाएं एकत्रित व प्रसारित करने का जिम्मा उठाए मीडियाकर्मी आदि के हौसला-आफजाई के लिए अपने-अपने घरों की छतों, बालकनी में खड़े होकर ताली, थाली, शंख, घंटा-घड़ियाल बजाए। डॉक्टर्स संगठनों ने जनता के इस तहे-दिल समर्थन को शुक्रिया सहित कहा कि इससे हमें दोगुने उत्साह से काम करने का हौसला मिला है।

जैकबपुरा स्थित न्यू रेलवे रोड पर जनता कर्फ्यू के दौरान शाम पांच बजे पीएम मोदी के कटआउट के साथ स्थानीय युवा।

एनसीआर के प्रमुख शहर गुरुग्राम में हमेशा भीड़भाड़ रहने वाला पुराने शहर का सदर बाज़ार, बस स्टैंड का इलाका और न्यू व ओल्ड रेलवे स्टेशन मार्ग पूरी तरह से सुनसान व बियाबान जैसा रहा। हालांकि, शाम को पांच बजे जब डॉक्टरों के लिए क्लैपिंग करने का समय हुआ तो ग्राउंड फ्लोर पर रहने वाले सड़कों पर घंटी, थाली आदि के साथ ही पीएम मोदी का कटआउट लेकर निकल आए और उन्हें अपना पूरा समर्थन दिया।

जनता कर्फ्यू के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों, डॉक्टरों के हौसला-आफजाई को ताली, थाली व घंटा-शंख बजाते गुरुग्रामवासी।

नये गुरुग्राम के हाईराइज बिल्डिंगों में रहने वाले हजारों लोगों ने एकसाथ शंखनाद किया, ताली बजाई और थाली पीटे। जनता कर्फ्यू के दौरान लोगों ने गज़ब का अनुशासन दिखाया। 70 साल के बुजुर्गों ने कहा, उनके ए यह नजारा ‘भूतो न भविष्यति’ जैसा है।

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