NPR पर बैठक से ममता का किनारा, केरल की भी गीदड़भभकी

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गृह मंत्रालय की बैठक में एनपीआर (नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर) पर चर्चा। सभी राज्यों के सचिव, जनगणना अधिकार होंगे शामिल।

NPR पर केंद्र Vs बंगाल

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो/ नई दिल्ली।

एनआरसी पर चल रहे बवाल के बाद एनपीआर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बुलाई गई बैठक को लेकर राजनीति शुरू हो गई है। बैठक में नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (एनपीआर) पर चर्चा होनी है लेकिन पश्चिम बंगाल और केरल की सरकार ने राजनीति शुरू कर दी है। बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने अपने अधिकारियों को बैठक में शामिल नहीं होने का निर्देश दिय़ा है। बैठक में सभी राज्यों के सचिव, जनगणना अधिकारी को शामिल होना है।

एनपीआर की प्रक्रिया को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय की यह बैठक अहम है जिसमें सभी राज्यों के सचिवों को शामिल होना है ताकि मिलकर इसपर रणनीति तैयार हो सके। केंद्रीय गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला  बैठक की अगुवाई करेंगे।

एनसीसी और एनपीआर का विरोध कर रहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने लिखित तौर पर बैठक का विरोध किया है। उन्केहोंने कहा है कि इस बैठक में बंगाल से कोई भी अधिकारी शामिल नहीं होगा। ममता बनर्जी कह चुकीं हैं कि  बंगाल में यह कानून लागू नहीं होगा।

वहीं, केरल ने राज्य में एनपीआर प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। राज्य सरकार ने आदेश जारी किया है कि, जो भी अधिकारी इस प्रक्रिया पर काम करते हुए पाया जाएगा, उसपर कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, केरल गृह मंत्रालय द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल होगा। केरल ने नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ विस में प्रस्ताव पास किया है।

उल्लेखनीय है कि एनपीआर का उद्देश्य देश के निवासियों की व्यापक पहचान का डेटाबेस तैयार करना है जिसमें डेमोग्राफिक तथा बायोमेट्रिक ब्योरे शामिल किए जाएंगे। यह रजिस्टर स्थानीय, उपजिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नागरिकता कानून, 1955 और नागरिकता (नागरिकों का पंजीयन तथा राष्ट्रीय पहचान-पत्र जारी करना) नियम, 2003 के तहत बनाया जाएगा। नियम के प्रावधानों के उल्लंघन पर 1000 रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है।

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