MAHARASHTRA पर SC में तुषार मेहता बोले, राज्यपाल के फैसले पर कोर्ट रिव्यू नहीं

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कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस जारी किया, सोमवार को फिर एकबार होगी सुनवाई    

Report4India Bureau/ New Delhi.

महाराष्ट्र में फडणवीस सरकार के खिलाफ शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के बाद मामला सोमवार के लिए टल गया। कोर्ट ने सोमवार को राज्यपाल द्वारा लिए गए निर्णयों के पत्र सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करने के साथ ही इससे जुड़े सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। जस्टिस एनवी रमन्ना, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट दोबारा सोमवार को साढ़े 10 बजे सुनवाई होगी।

याचिका पर याचिकाकर्ताओं की तरफ से पेश वकील अभिषेक मनु सिंघवी और कपिल सिब्बल के दलील पर एडिशनल सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने स्पष्ट कहा कि राज्यपाल के संवैधानिक निर्णय पर रिव्यू नहीं किया जा सकता। विधायिका और न्यायपालिका के दायरे हैं। याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका में जो जल्दबाजी दिखाई है परंतु उनके पास आरोपों को लेकर कोई दस्तावेज नहीं है। तुषार मेहता की दलील में एक बड़ा पक्ष यह निकलकर आया जब उन्होंने कहा कि संविधान की धारा 161 में विधायिका को दी गई शक्ति के मुताबिक कोर्ट राज्यपाल के फैसले को रिव्यू नहीं कर सकती। अगर ऐसा ही विधायिका भी करने लगे कि कोर्ट को आदेश देने लगे कि वह देश भर में लंबित सभी मामलों को दो साल में निर्णय करे तो क्या कोर्ट के लिए ऐसा करना संभव होगा?

तुषार मेहता ने कहा कि इस मामले में रविवार को अवकाश के दिन सुनने की क्या जरूररत थी जब कि महाराष्ट्र में एक सरकार ने शपथ ली है। इस पर कोर्ट ने कहा कि अब तो बेंच का गठन हो चुका है और हम इसपर सुनवाई कर रहे हैं।

दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं की जल्द आदेश की मांग को दरकिनार करते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है। साथ ही, तुषार मेहता को नियुक्त किया है कि वह राज्यपाल के आदेश व सरकार गठन से संबंधित सभी दस्तावेज कोर्ट को सोमवार को साढ़े 10 बजे तक उपलब्ध कराएं।

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