PM’s security breach case : पंजाब सरकार की बर्खास्तगी में पल भर की देरी ठीक नहीं 

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पागलपन की हालत में पहुंची कांग्रेस को नेस्तनाबुद करने के अलावा देश के पास कोई चारा नहीं। केंद्र सरकार की थोड़ी भी ढिलाई का मतलब है आतंकियों-खालिस्तानियों के आगे समर्पण 

अविलंब धारा- 352, धारा 365 और धारा-356 की कार्रवाई शुरू की जाय। मात्र कारण बताओ नोटिस जारी करने का मतलब जानबुझकर इस देश को अराजकता के हवाले करना

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो/ नई दिल्ली। 

पीएम मोदी की सुरक्षा के साथ पंजाब में जिस प्रकार से खिलवाड़ की गई है उसे लेकर देशवासियों की कांग्रेस के खिलाफ घोर प्रतिक्रिया सामने आयी है। पंजाब की कांग्रेसी चन्नी सरकार का अब क्षण भर भी सत्ता रहने देने का मतलब है देश को भविष्य में किसी बड़ी साजिश झोंक देने का भारी खतरा मोल लेना। जिस प्रकार से पीएम मोदी को कांग्रेस सरकार में  प्रायोजित साजिश में मारने की चाल चली गई और पूरे कांग्रेस पार्टी की तरफ से नियोजित तरीके से इसे जायज ठहराने का प्रयास किया गया है, उसे नज़रंदाज करना बिल्कुल ठीक नहीं है।

चाणक्य ने कहा है बिना त्वरित दंडात्मक कार्रवाई के कोई देश ठीक से नहीं चल सकता। गृहमंत्री अमित शाह से लोगों का सख्त आग्रह है कि बिना किसी देरी के संविधान द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग किया जाय। पंजाब में तत्काल राष्ट्रपति शासन लगाई जाय। डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी को बर्खास्त कर प्रधानमंत्री को मारने की साजिश में शामिल होने के केस दर्ज कर जेल भेजा जाय। इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बरतने का मतलब है, देश के संघीय ढांचे को छिन्न-भिन्न करना और अंत में लोकतंत्र को खत्म कर देना है।

देश के लोगों की इस पूरे मामले में कड़ी प्रतिक्रिया लगातार सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि सत्ता से अलग पागलपन की स्थिति में यह सारा खेल 10 जनपथ के ईशारे पर रचा गया है। राहुल गांधी इटली में जाकर वहां माफिया के इशारे पर चन्नी को हुक्म देता है और पीएम मोदी को बीच सड़क मारने की साजिश रची जाती है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री के काफिले से चन्नी अपने को अलग करने की एकदिन पहले ही घोषणा कर देता है। साजिश के तहत डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी पीएम के काफिले के साथ नहीं चलते हैं जबकि अपनी खाली गाड़ी काफिले के साथ भेज देते हैं।

 

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