राजस्थान ब्रजक्षेत्र पर्वतों के अवैध खनन विरोध में आत्मदाह करने वाले संत विजयदास का निधन

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आत्मदाह के बाद संत विजयदास को गंभीर हालत में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाबा विजयदास (फाइल फोटो)।

करीब दो साल से ब्रज क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन के खिलाफ धरने पर बैठे थे, राजस्थान की गहलोत सरकार ने अवैध खनन पर लगाम लगाने की कोई कोशिश नहीं की। विरोधस्वरुप आत्मदाह किया। बरसाना में दी जाएगी समाधि

report4india bureau/ New Delhi.

करीब दो साल से घरने पर बैठे रहे बाबा संत विजयदास ने आखिरकार खुद पर पेट्रोल छिड़क कर आत्मदाह कर लिया था। शनिवार तड़के करीब तीन बजे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बाबा के भक्तजनों, पर्यावरणविदो और कृष्णजन्मभूमि क्षेत्र (ब्रज क्षेत्र) से श्रद्धा रखने वालों के लिए यह खबर बेहद ही दुखद और परेशान करने वाला है। संत के निधन की खबर के बाद मथुरा व बरसाना में साधु-संत जुटने लगे हैं। बरसाना में ही संत को समाधि दी जाएगी।

संत के मार्मिक निधन के बाद कांग्रेस की राजस्थान की गहलोत सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा व तिरस्कार बढ़ गया है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बाबा करीब साढ़े पांच सौ दिनों से घरने पर बैठे थे। भरतपुर के ब्रज क्षेत्र में खुलेआम अवैध खनन हो रहा था। ब्रज क्षेत्र के पहाड़ों-पर्वतों को काटा जा रहा था। इसमें सरकार के मंत्री, पुलिस-प्रशासन सब शामिल थे। यही कारण था कि संतों के विरोध का कोई फर्क सरकार पर नहीं पड़ रहा था। अवैध खनन के विरोध में कई साधु-संत विरोध कर रहे हैं। एक संत तो कई महीनों तो हाई-एक्सटेंशन पोल पर चढ़ रहे।