निर्भया केस में दोषी विनय-मुकेश की क्यूरेटिव पिटिशन सुप्रीम कोर्ट ने खारिज़ की

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जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस रोहिंटन फली नरीमन, जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस आर. भानुमति और जस्टिस अशोक भूषण की पीठ ने क्यूरेटिव पिटिशन पर दायर याचिका पर की सुनवाई

Report4India Bureau/ New Delhi.

16 दिसम्बर 2012 में हुए निर्भया गैंगरेप केस में फांसी के सज़ा पाए दोषी विनय व मुकेश की क्यूरेटिव पिटीशन को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। क्यूरेटिव पिटीशन में दोषी विनय शर्मा ने कहा था कि अकेले याचिकाकर्ता को दंडित नहीं किया जा रहा है, बल्कि आपराधिक कार्यवाही के कारण उसका पूरा परिवार अत्यंत पीड़ित हुआ। परिवार की कोई गलती नहीं, फिर भी उसे सामाजिक प्रताड़ना और अपमान झेलना पड़ा है। दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि याचिकाकर्ता के माता-पिता वृद्ध और अत्यंत गरीब हैं। इस मामले में उनका भारी संसाधन बर्बाद हो गया और अब उन्हें कुछ भी हाथ नहीं लगा है।

बीते दिनों पटियाला हाउस कोर्ट ने केस के चारों दोषियों का डेथ वारंट जारी किया हुआ है और चारों को 22 जनवरी की सुबह सात बजे फांसी देने का समय तय है।

केस में सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर रेप और हत्या का मामला दर्ज कर ट्रायल शुरू हुआ था और सितम्बर 2013 में नीचली अदालत ने फांसी की सज़ा सुनाई थी। मार्च 2014 में दिल्ली हाईकोर्ट और मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने भी फांसी की सजा को बरकरार रखा। दोषियों में से एक नाबालिग था, जिसका केस किशोर (जुवेनाइल) अदालत में चला और उसे तीन साल की सज़ा सुनाई गई थी। एक अन्य आरोपी ने तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी।

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