आमने-सामने काननू के रखवाले : पुलिस के बयान पर देश के किसी भी नागरिक को विश्वास नहीं’

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दिल्ली तीस हजारी कोर्ट में आगजनी।

दिल्ली तीस हजारी कोर्ट परिसर में वकीलों और पुलिस के बीच हुए बवाल, हिंसा-मारपीट के बाद विरोध तेजी से फैलता जा रहा है। दिल्ली के ही कड़कड़डूमा कोर्ट के वकीलों ने पुलिस पोस्ट में आग लगाई, सड़क पर किया प्रदर्शन  

Report4India Bureau/ New Delhi.  

दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में शनिवार दोपहर बाद वकीलों और पुलिस के बीच हुए हिंसक झड़प के बाद बवाल बढ़ता ही जा रही है। हालांकि, पुलिस व वकील दोनों तरफ से एक-दूसरे के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं। जांच क्राइम ब्रांच की एसआईटी टीम को सौंपा गया है जिसकी कमान स्पेशल कमिश्नर स्तर के पुलिस अधिकारी करेंगे।

हालांकि, मामले में काफी देर बाद पुलिस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। पुलिस का कहना है कि विवाद पार्किंग को लेकर हुआ था। वरिष्ठ पुलिस अफसरों के साथ मारपीट हुई। पुलिस ने गोली आत्मरक्षा में चलाई है। इस घटना में 20 पुलिसकर्मी, एक एडिशनल डीसीपी, 2 एसएचओ को चोटें आईं हैं।

उधर, वकीलों का कहना है कि पुलिस झूठ बोलने और पुलिस के बचाने के अलावा क्या कर सकती है। पुलिस की बात पर देश में एक भी ऐसा नागरिक नहीं मिलेगा जो विश्वास कर ले। उन्होंने कहा, पुलिसकर्मी ने झगड़े के बाद सीधे वकीलों को गोली से निशाना बनाने का प्रयास किया। उसके बाद लाठीचार्ज किया गया। चैंबरों में घूसकर पुलिस ने बुजुर्ग व वरिष्ठ वकीलों पर लाठी से प्रहार किया,  हमारे कई साथी गंभीर रूप से चोटिल हैं।

पहले पुलिसकर्मी ने वकील को निशाना बनाने का काम किया। उसके बाद वकीलों का मज़ाक उड़ाया गया। कैदियों को लाने ले जाने वाली थर्ड बटालियन से बहस और बवाल हुआ जिसके बाद पुलिस ने फायरिंग की, जिसमें एक वकील गंभीर रूप से जख्मा है जबकि कई अन्य जख्मी हुए हैं।