NOIDA : सहारा ने वेतन मांग रहे 21 मीडियाकर्मियों को नौकरी से निकाला, धरने पर बैठे पत्रकार

0
26

noida-sahara-media-01नोएडा सेक्टर-11 स्थित सहारा न्यूज़ नेटवर्क हेड ऑफिस के बाहर धरने पर बैठे मीडियाकर्मी।

करीब एक साल से बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर ‘वेतन नहीं तो काम नहीं’ के तहत हड़ताल पर हैं ‘राष्ट्रीय सहारा’ व न्यूज़ चैनल ‘समय’ के मीडियाकर्मी 

नई दिल्ली/रिपोर्ट4इंडिया। करीब एक साल से बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर ‘वेतन नहीं तो काम नहीं’ के तहत हड़ताल पर चल रहे सहारा मीडियाकर्मियों से प्रबंधन तानाशाही पर उतर आया है। प्रबंधन ‘शाम-दाम-दंड’ भेद की नीति अपनाते हुए हड़ताल का नेतृत्व कर रहे अखबार व टीवी न्यूज़ चैनल के मीडियाकर्मियों को टारगेट कर उन्हें नौकरी से निकाल दिया है। प्रबंधन की इस ‘कूनीति’ का विरोध करते हुए सभी मीडियाकर्मी नोएडा स्थित सहारा न्यूज़ हेड ऑफिस के गेट के बाहर धरने पर बैठ गए हैं।

21 लोगों में बर्खास्त की गईं पत्रकार गीता रावत ने कहा कि सहारा मीडिया प्रबंधन पत्रकारों-मीडियाकर्मियों से ‘बेगारी’ करवाना चाहता है। हमलोग पिछले एक साल से बिना वेतन काम कर रहे हैं। जब सहाराश्री जेल से निकले तो लगा कि अब हमें वेतन मिल जाएगा लेकिन, उल्टे हमें धमकियां दी जाने लगीं। हमसे कहा जाने लगा कि वेतन मिले या नहीं मिले काम करना ही होगा। प्रबंधन के साथ कई बैठकों के बाद भी जब तय दिन को वेतन नहीं मिला तो हम सूचना के साथ काम से विरत हो गए। प्रबंधन ने हड़ताल को दबाने की नियत से हमें बर्खास्त कर दिया। उन्होंने प्रबंधन पर स्वयं को धमकी देने का भी आरोप लगाया।

टारगेट किए गए कर्मचारियों की बर्खस्तगी से भड़के सहारा के मीडियाकर्मी नोएडा डीएम से मिलने उनके ऑफिस पहुंचे। वे डीएम एनके सिंह की अनुपस्थिति में एडीएम से मिले व उन्हें ज्ञापन सौंपा। डीएम एनके सिंह ने पत्रकारों से मोबाइल पर बात की और बुधवार को दिन के 11 बजे पूरे मामले को लेकर उन्हें मिलने के लिए बुलाया।

noida-sahara-media-02उसके बाद, मीडियाकर्मी डिप्टी लेबर कमिश्नर नोएडा बीके राय से मिल उन्हें निकाले जाने संबंधी सूचना से अवगत कराया। पीके राय ने मीडियाकर्मियों को आश्वासन दिया कि सहारा मामले में 8 जून को सुनवाई है और इस बाबत भी वह सहारा प्रबंधन को नोटिस जारी करेंगे।

इस मामले में सहारा नोएडा एचआर हेड अमिताभ चक्रवर्ती से बात की गई तो उन्होंने पूरे मामले से  अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा, वे नोएडा से बाहर हैं, उन्हें इस संबंध में कुछ भी पता नहीं है। सवाल है कि इतनी बड़ी संख्या में संस्थान ने स्थायी मीडियाकर्मियों को बर्खास्त कर दिया है और एचआर हेड को इसकी जानकारी तक नहीं है, क्योंकि वे नोएडा से बाहर हैं।

उधर, स्वयं पर आन पड़ी इस ‘जोर-जुल्म’ की  लड़ाई में इंसाफ को लेकर सहारा के पत्रकार इस भीषण गर्मी में  अपने ही संस्थान के गेट के बाहर, सड़क के किनारे धरने पर हैं।

बहरहाल, इस खबर से नोएडा व देश की जनता के मन में एक सवाल जरूर कौंधेगा कि, आखिर सहारा मीडिया प्रबंधन इस हाल में अपने ‘अखबार’ व ‘न्यूज चैनल’ में देश-समाज के मजलूमों, हताश-परेशान लोगों के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ क्या कोई खबर लिख पाएगा? या टीवी पर न्यूज़ दिखा पाएगा? जो खुद के ही कर्मचारियों को ‘न्याय’ देने व समस्या को सुलझाने की मंशा नहीं रखता हो।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here