पीएम बोले, महागठबंधन की नीति अस्पष्ट-नीयत भ्रष्ट, कोई चुनौती नहीं

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2019 की बिसात बिछ रही है। चुनावी रणनीति को लेकर पार्टियों में चर्चा और बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है। भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारणी की बैठक में चुनावी मंथन किया जा रहा है।

pm-modi-bjp-national-executनई दिल्ली में बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पीएम मोदी व अन्य।

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

नई दिल्ली। 2019 आम चुनाव दहलीज़ पर है। विपक्षी पार्टियां जहां बीजेपी को घेरने के लिए गठबंधन के फेर में हैं वहीं पीएम मोदी ने कहा कि 2019 हमारे लिए चिंता की बात नहीं है।  यहां दो दिनों की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ बन रहे संयुक्त विपक्ष पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कैसी चिंता, महागठबंधन में नेतृत्व का पता नहीं, नीति अस्पष्ट है और नीयत भ्रष्ट है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वे 2019 में किसी भी तरह की चुनौती नहीं देखते। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष का होना जरूरी है, उन्हें प्रश्न पूछने चाहिए। लेकिन जो सरकार चलाने में असफल रहें, वे विपक्ष की भूमिका में भी असफल रहे।

उधर, बैठक के दूसरे व अंतिम दिन रविवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राजनीतिक प्रस्ताव पेश किया जिसमें कहा गया है कि 2022 तक देश से जातिवाद, संप्रदायवाद, आतंकवाद और नक्सलवाद खत्म होगा. प्रस्ताव के मुताबिक केंद्र सरकार भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है और इसकी वजह से उन्हें देश छोड़कर भागना पड़ रहा है।

भाजपा के प्रस्ताव के मुताबिक कार्यकारिणी में एनआरसी के मुद्दे पर भी चर्चा हुई जिसमें कहा गया कि घुसपैठियों के लिए देश में कोई जगह नहीं है। अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के सिख, बौद्ध, क्रिश्चियन, हिंदू शरणार्थी अगर देश में आते हैं तो उनकी मदद की जाएगी।

बैठक के बैद प्रेस क्रांफ्रेंस में प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राजनाथ सिंह ने की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राजनीतिक प्रस्ताव रखा जिसको कार्यसमिति ने पास किया गया। इस प्रस्ताव में विश्वास जताया गया है कि न्यू-इंडिया का सपना पूरा होकर ही रहेगा। विपक्ष के पास ना कोई नेता है, ना कोई नीति है और ना ही कोई रणनीति है, इसीलिए विपक्ष हताश है और नकारात्मकता की राजनीति कर रहा है।

बैठक में कहा गया कि 2014 से भाजपा ने 15 राज्यों में चुनाव जीते हैं और 20 राज्य में सरकार में है। विपक्ष 10 राज्यों में है और कांग्रेस सिर्फ 3 राज्यों में सिमट के रह गई है। इसलिए सत्ता पाने के लिए विपक्ष परेशान है और महागठबंधन जैसा विकल्प ढूंढ रहा है। विपक्ष के पास मोदी जैसा कोई नेता नहीं। विपक्ष का एक मात्र लक्ष्य “मोदी रोको”। इसलिए विपक्ष अनैतिक गठबंधन की बात कर रहा है।

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