नई पीढी की जुबान खराब कर रही सियासत

0
130
gulzar

जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल

प्रसिद्ध गीतकार-फिल्मकार गुलजार का वर्तमान सियासत पर प्रहार। हिन्दी-उर्दु विवाद पर कहा, इसे हिन्दुस्तानी नाम दीजिए और झगड़ा खत्म कीजिए

gulzar

रिपोर्ट4इंडिया साहित्य डेस्क।

नई दिल्ली। प्रसिद्ध जयपुर लिटरेचर फेस्ट में विख्यात फिल्मकार-गीतकार गुलजार ने वर्तमान सियासत पर करारा प्रहार किया और कहा कि आज की सियासत में जिस तरह की बोली बोली जा रही है, वह सियासत और दोस्ती ही नहीं बल्कि आने वाली पीढी की जुबान भी खराब कर देगी। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के दूसरे दिन वे फिल्म लेखिका नसरीन मुन्नी कबीर की किताब जिया जले-स्टोरीज बिहाइंड द सांग्स पर नसरीन और संजोय के.राय के साथ चर्चा के दौरान ये बातें कही।

इस मौके पर गुलजार ने कहा, सियासत करने वालों को यह ध्यान रखना चाहिए कि जो जुबान वे बोल रहे है, वह नई पीढी तक जाएगी। इसलिए इस पर जरूर ध्यान दें।

इस दौरान उन्होंने हिन्दी और उर्दू को लेकर उठ रहे विवाद पर कहा कि उर्दू हिन्दी से अलग नहीं है। इसका सिर्फ लहजा और साउंड ही इसे अलग बनाता है। हम जो बोलते है उसे हिन्दुस्तानी नाम दे दीजिए, सब झगडा खत्म हो जाएगा।

इस दौरान फिल्मी गाने व कविता को लेकर उन्होंने कहा कि कविता आपकी अभिव्यक्ति होती है। आपको पता होता है कि आपको क्या कहना है, लेकिन फिल्मी गीत ऐसा नहीं है। इसमें हमें एक सिचुएशन दे दी जाती है, किरदार का ध्यान रखना पडता है। उसकी जुबान का ध्यान रखना पडता है और फिर धुन के रूप में एक नपा तुला कपडा दे दिया जाता है। हम उससे बाहर नहीं जा सकते। फिर यह लिखने वाले पर निर्भर करता है कि वह उपर की तह के नीचे कितनी और तहें बना सकता है।

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here