Sachin pilot को फिर ‘चिढ़ाते’ दिखे अशोक गहलौत….बहुत दिन बाद बोले पर ‘संदेश’ दिया साफ 

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कांग्रेस जिस ‘जाल’ में उलझी है उससे निकलना मुश्किल दिख रहा। ‘आलाकमान’ की ‘कैंची’ की धार कूंद हुई पर ऐसा कोई ‘चुहा’ भी नहीं जो  किसी तरह  ‘जाल’ काट सके। 

डॉ. मनोज कुमार तिवारी/ रिपोर्ट4इंडिया।

नई दिल्ली। पंजाब में राजनीतिक संक्रमण के विभत्स होने के बाद अब कांग्रेस में छत्तीसगढ़ और राजस्थान में राजनीतिक परेशानी पैदा हो रही है। जहां छत्तीसगढ़ में विधायकों की अपने-अपने पाले में खेमाबंदी तेज है वहीं, राजस्थान में लंबे समय बाद सीएम अशोक गहलोत सामने आए। गहलोत ने साफ कर दिया कि उनकी सरकार पूरे पांच साल चलेगीय़ यानी साफतौर पर संदेश सचिन पायलट को दिया पंजाब के राजनीतिक उठापटक के असर का विश्ले।ण वे राजस्थान में न संजोये। यहां न तो वे गद्दी छोड़ने वाले हैं और न ही किसी परिवर्तन को बदार्श्त करने वाले हैं।

अशोक गहलोत ने केवल सचिन पायलट को बल्कि कांग्रेस आलाकमान को भी संदेश दिया कि वे राज्य में परिवर्तन को  लेकर कोई ऐसी राजनीतिक कदम आगे न बढ़ाएं जिससे पार्टी को नुकसान हो। उन्होंने साफ कहा कि न केवल पांच साल वे सीएम पद पर विराजमान रहेंगे बल्कि अगला चुनाव भी वहीं जीतेंगे। ‘अगली चुनाव वे ही जीतेंगे’ यह संदेश आलाकमान को है कि वे राज्य में किसी बदलाव को बढ़ावा न दें।

राजस्थान में लंबे समय बाद अशोक गहलोत ने अपनी सरकार की स्थिरता को लेकर कोई सार्वजनिक बयान दिया है। पांच साल तक वे राज्य में सीएम बने रहेंगे इसका ऐलान एक संदेश ही है। यानी सचिन पायलट के हालिया दिल्ली प्रवास को कोई मतलब नहीं है।

अब देखना यह है कि कांग्रेस आलाकमान सहित सचिन पायलट अशोक गहलोत के इस ऐलान को किस तरह से लेते हैं। परंतु, गहलोत के इस बयान साफ है कि ‘विधायक दल’ पर उनका दबदबा कायम है और वे किसी दबाव में नहीं आने वाले हैं।

पंजाब में राजनीतिक उठा-पटक के बाद जो हालात बने, उसे लेकर कांग्रेस के बड़े नेताओं ने सीधे तौर पर राहुल गांधी व प्रियंका वाड्रा को जिम्मेदार बताया। उन्होंने सोनिया गांधी के निर्णय न लेने की क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिरकार कांग्रेस में अंतरिम अध्यक्ष वाला सिस्टम कब खत्म होगा, कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक कब होगी और फिलहाल पार्टी में निर्णय कौन ले रहा है?

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