राजनीति के ‘सन्यासी’ TMC की ‘टोकरी’ में

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केंद्रीय मंत्री पद से हटाए जाने पर राजनीति से सन्यास की घोषणा करने वाले बाबुल सुप्रियो ने टीएमसी का दामन थाम लिया।   

report4india/ New Delhi.

पश्चिम बंगाल से लोकसभा सांसद बाबुल सुप्रियो ने भाजपा छोड़ टीएमसी का दामन थाम लिया। केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाए जाने के बाद उन्होंने राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा की थी जो धरे के धरे रह गए। चुनाव परिणाम के बाद जो बंगाल में हिसा हुई थी, उस दौरान बाबुल सुप्रियो अपने संसदीय क्षेत्र आसनसोल में ही रहे। भाजपा के पीड़ित कार्यकर्ता उनसे गुहार लगाते रहे लेकिन वे अपने घर से नहीं निकले। उसके उलट उन्होंने बयान दिया कि वे घर से बाहर निकलेंगे तो टीएमसी के गुंडे उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ देंगे। इस बयान को बेहद शर्मनाक माना गया और बाबुल सुप्रियो की बड़ी आलोचना हुई थी। परिणामस्वरूप उन्हें मंत्रीमंडल से बेदखल होना पड़ा। मंत्री पद से हटते ही उन्होंने ट्वीट कर राजनीति से सन्यास लेने की घोषणा कर दी। अब एक-दो माह बाद ही उन्होंने टीएमसी ज्वाइन कर ली।

बाबुल के पाला बदलने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया बेहद आलोचनात्मक है। लोगों का मानना है कि वे केवल सुरक्षित राजनीति करने वाले नेता है। उनके लिए राजनीति का मतलब पद और सुविधा है। वे डरपोक हैं और बंगाल की राजनीति के लिए अनफिट हैं। चुकि, शुरुआती दौर में बीजेपी को बंगाल में चेहरों की कमी थी इसलिए वे न केवल बीजेपी में शामिल हुए बल्कि मंत्री भी बने। बीजेपी ने बंगाल में हिंसा के बाद उनके रवैये को ठीक नहीं माना फलस्वरूप उन्हें पद से हटा दिया  गया। हालांकि, बीजेपी जैसी राजनीति करती है, उसके मुताबिक उन्हें ऐसे पद से नहीं हटाया गया बल्कि समय के साथ सामूहिक मंत्री पद परिवर्तन में ऐसा हुआ।

बहरहाल, बाबुल सुप्रियो ने आज तुणमुल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में ममता बनर्जी की पार्टी का दामन थाम लिया।

उल्लेखनीय है कि बाबुल सुप्रियो ने राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा को लेकर अपने फेसबुक पर अलविदा के साथ लिखा था कि, मैंने सब कुछ सुना- पिता-मां, पत्नी, बेटी, एक-दो प्यारे दोस्त से सब कुछ सुनकर समझा, मैं किसी और पार्टी में नहीं जा रहा हूं। TMC, Congress, CPIM, कहीं नहीं। इसको लेकर किसी ने मुझे फोन नहीं किया, मैं कहीं नहीं जा रहा हूं मैं एक टीम प्लेयर हूं! हमेशा एक टीम का साथ दिया है। मोहन बागान और बीजेपी..बस !! उन्होंने लिखा कि, आज पार्टी में कई नए उज्ज्वल युवा नेता हैं और साथ ही कई पुराने मझे हुए नेता भी हैं। कहने की जरूरत नहीं है कि उनकी अगुवाई वाली टीम यहां से काफी आगे जाएगी।