आखिरकार ‘कांग्रेस मुक्त’ हो गई सिंधिया राजघराना, ज्योतिरादित्य का इस्तीफा

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कांग्रेस ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देकर पार्टी से निकाले जाने का दावा किया। ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे पर 9 मार्च 2020 की तिथि

मनोज कुमार तिवारी/ रिपोर्ट4इंडिया।

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश और देश में अपने समय के कद्दावर नेता रहे स्व. माधवराव सिंधिया के पुत्र व पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंदिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया। पिछले 18 साल से कांग्रेस में रहे ज्योतिरादित्य के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार का गिरना तय हो गया है। उधर, ज्योतिरादित्य के इस्तीफे के साथ ही बेंगलुरु में पनाह लिए हुए सिंधिया गुट के कांग्रेस के बागी विधायकों ने भी विस सदस्य पद से इस्तीफा दे दिया है।

उधर, 24 घंटे पहले मध्य प्रदेश की राजनीति ने जो करवट ली थी, अब उसका पटाक्षेप हो गया। हालांकि, सीएम कमलनाथ ने सोमवार देर शाम अपने 20 मंत्रियों से इस्तीफा ले लिया था। तब कयास लगाए जा रहे थे कि दोबारा से मंत्रीमंडल गठन को लेकर ऐसा कदम उठाया गया है ताकि बागी विधायकों को मंत्रीमंडल में शामिल कर उनकी नाराजगी को दूर किया जा सके। परंतु, होली और अपने पिता स्व. माधव राव सिंधिया के जन्मजयंती के पवित्र मौके पर बदलते राजनीतिक हालात के बीच सिंधिया के इस्तीफे की खबर के साथ ही मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार के अंत का बिगुल बज़ गया। मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ  विधायक लक्ष्मण सिंह ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अब हमें विपक्ष में बैठने को तैयार रहना चाहिए।

इन बदलते राजनीतिक हालात के बीच कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि सिंधिया को पार्टी गतिविधियों में शामिल होने के चलते निकाला गया है।