24 साल से विजेता रहे रघुबर दास CM रहते चुनाव हारे 

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मुख्यमंत्री पद के रूप में पांच साल तक काम करने के बाद 2014 में 70 हजार से अधिक वोटों से जीते रघुबर दास को पार्टी के ही विद्रोही वृद्ध नेता सरयू राय ने हराया

रिपोर्ट4इंडिया/ जमशेदपुर।

जमशेदपुर पूर्व से चुनाव लड़ने वाले राज्य के पांच साल से सीएम रहे रघुबर दास को 24 साल बाद करारी हार मिली है। यह हार तब और बड़ी हो जाती है जब वे राज्य के सबसे लंबे समय तक सीएम रहने के बाद सीएम पद से ही चुनाव लड़ते हुए उन्हें पटखनी मिली। 24 साल से निर्विकार जीत के रथ पर सवार रहने वाले रघुबर दास को उन्हीं के पार्टी के वयोवृद्ध नेता और राज्य में बीजेपी व संघ के झंडे को पकड़कर उसे शिरोमौर्य बनाने वाले सरयू राय ने उन्हें हराकर यह बता दिया कि राजनीति में सूचिता और नैतिकता का अभी हृास नहीं हुआ है। जनता सबकुछ बर्दाश्त कर सकती है परंतु, अहंकार के मद में एक नैतिक व विचारधारा के प्रति समर्पित रहने वाले व्यक्ति का अपमान सहन नहीं कर सकती।

मतगणना के शुरुआती चरण में अपनी सीट पर कुछ सौ वोटों से आगे चल रहे रघुबर दास हार मानने को तैयार नहीं थे। लेकिन 15 हजार से अधिक वोटों से पिछड़ने के बाद और पूरे राज्य में जेएमएम गठबंधन के लगातार आगे रहने के बाद उन्होंने अपनी हार स्वीकार कर ली और राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया। साथ ही, उन्होंने हार की जिम्मेदारी भी स्वीकार की।

हालांकि, 2000 में बिहार से अलग होकर स्वतंत्र राज्य बने झारखंड में 19 साल में पहली बार ऐसा हुआ कि कोई एक सीएम ने अपनी कार्यकाल पूरा किया। लेकिन, सीएम के रूप में रघुबर दास को सबसे बड़ी हार का भी सामना करना पड़ा और पहली बार झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के नेतृत्व में गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिला है। साथ ही, पहली बार जेएमएम ने अकेले 30 सीट जीतती दिख रही है।

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