RCP सिंह ने JDU से दिया इस्तीफा बोले, मेरी बेटियों पर आरोप मुझे प्रताड़ित करने के लिए

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आरसीपी सिंह।

भ्रष्टाचार के आरोपों पर दिया करारा जवाब। जदयू के नेता मुझे पर झूठे आरोप लगा रहे। मैं वर्षों नौकरी में रहा, 2010 से सांसद व मंत्री रहा, पैतृक संपत्ति छोड़कर मेरे नाम से अन्य कोई संपत्ति नहीं। मेरी बेटियां नौकरी में हैं, कमाती हैं और उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में जमीने खरीदी हैं जिसका पूरा ब्यौरा है। कानूनी व संवैधानिक तौर पर जमीनें व संपत्ति खरीदने का सबको हक है। 

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो/ पटना-नई दल्ली।

कभी नीतीश के दाहिने हाथ कहे जाने वाले आरसीपी सिंह ने आखिरकार जदयू से इस्तीफा दे दिया। इस दौरान उन्होंने बिना नाम लिये बिहार से सीएम नीतीश कुमार पर कई तरह के आरोप लगाये और कहा कि उनके ईशारे पर ही पार्टी में मेरे खिलाफ अभियान चलाया गया। जदयू की तरफ से लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोप पर सीआरपी सिंह ने सफाई दी और कहा कि ग्रामीण पैतृक संपत्ति छोड़कर मेरे नाम किसी भी शहर या जगह पर कोई प्रापर्टी नहीं हैं। मुझे प्रताड़ित करने और निशाना बनाने के लिए मेरी बेटियों पर जानबूझकर कीचड़ उछाला गया। ऐसी साजिश एक पार्टी के लिए निक्रिष्टता की हद है। उन्होंने जदयू के डुबता हुआ जहाज बताया और कहा कि नीतीश कुमार सात जन्म में भी प्रधानमंत्री नहीं बन पायेंगे। उन्होंने अपने गांव स्थित मंदिर और तालाब के स्थान पर अपने समर्थकों की उपस्थिति में एक टीवी चैनल से बातचीत में इस्तीफे की घोषणा की।

आरसीपी सिंह ने कहा, मेरी बेटियां सरकारी नौकरी में हैं। उन्हें प्रापर्टी खरीदने का हक है, उनके पास दस्तावेज है। जिस पार्टी में मैं इतनी निष्ठा के साथ रहा, मेहनत किया, उसी पार्टी के लोगों ने उनकी बेटियों पर गलत आरोप लगाये। मैं केंद्र में मंत्री, सासंद के साथ ही जीवन के कई दशक तक भारतीय प्रशासनिक सेवा में रहा। फिर भी मैंने किसी शहर में अपना कोई मकान नहीं लिया। आज मंत्री नहीं हूं और अपने गांव में रह रहा हूं। उन्होंने कहा, वर्तमान में कौन-सा व्यक्ति ऐसा है जो 10 साल से मंत्री-सांसद रहा हो, आईएएस अधिकारी रहा हो और उसका किसी भी शहर में कोई घर न हो और वह सांसद या मंत्री नहीं रहने पर अपने गांव में रह रहा हो। ऐसा खोजने पर भी नहीं मिलेगा। मेरे पर आरोप वैमन्य के आधार पर और मुझे प्रताड़ित करने के लिए लगाया गया है। पिछले एक-डेढ़ साल से पार्टी में मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।