अयोध्या राम मंदिर को कानून लाए सरकार : भागवत

0
9
mohan-bhagwat

स्थापना दिवस और वार्षिक संबोधन पर संघ प्रमुख ने कहा, एक भयानक आंधी बाबर के रूप में आई और उसने हमारे देश के हिंदू-मुसलमानों को नहीं बख्शा, उसके नीचे समाज रौंदा जाने लगा।

mohan-bhagwat

रिपोर्ट4इंडिया संवाद।

नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक के स्थापना दिवस विजयादशमी उत्सव  के मौके पर राम मंदिर को लेकर संघ प्रमुख ने बड़ा बयान दिया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत अगर पंचामृत के मंत्र पर आगे बढ़ेगा तो एक बार फिर विश्वगुरू बन सकता है। एक भयानक आंधी बाबर के रूप में आई और उसने हमारे देश के हिंदू-मुसलमानों को नहीं बख्शा. उसके नीचे समाज रौंदा जाने लगा।

राम को लेकर संघ प्रमुख ने कहा कि वे सिर्फ हिंदुओं के नहीं हैं, बल्कि पूरे देश के हैं। किसी भी मार्ग से बने लेकिन उनका मंदिर बनना चाहिए। सरकार को इसके लिए कानून लाना चाहिए। लोग कहते हैं कि इनकी सत्ता है फिर भी मंदिर क्यों नहीं बना। वोटर सिर्फ एक ही दिन का राजा रहता है। मतदाता को सोच विचार कर अपने वोट का इस्तेमाल करना चाहिए, वरना एक दिन के कारण 5 साल तक भुगतना पड़ता है।

उधर, सबरीमाला के मुद्दे पर मोहन भागवत ने कहा कि निर्णय का उद्देश्य स्त्री-पुरुष समानता का था, लेकिन क्या हुआ। इतने वर्षों से परंपरा चल रही है वह टूट गई, जिन्होंने याचिका डाली वो कभी मंदिर नहीं गए, जो महिलाएं आंदोलन कर रही हैं वो आस्था को मानती हैं। धर्म के मुद्दे पर धर्माचार्यों से बात होनी चाहिए, वो बदलाव की बात को समझते हैं।

संघ प्रमुख ने कहा कि ये परंपरा है, उसके पीछे कई कारण होते हैं। कोर्ट के फैसले से वहां पर असंतोष पैदा हो गया है। महिलाएं ही इस परंपरा को मानती हैं लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here