राम मंदिर मामले में उन्मांद फैला रहे सुप्रीम कोर्ट के जज : जितेंद्रानंद सरस्वती

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राम मंदिर निर्माण को राष्ट्रीय राजधानी तालकटोरा स्‍टेडियम में साधु-संतों की बड़ी बैठक

दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में राम मंदिर निर्माण को लेकर संत-समाज की बैठक।dharmadesh-sant-samaj

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

नई दिल्ली। अयोध्या में राम मंदिर बनाने को लेकर साधु-संत दबाव बना दिया है। इस मुद्दे पर देश भर के साधु-संत करो या मरो की स्थिति में हैं। साधु-संत इस बात को भलीभांति समझ रहे हैं कि अगर इस बार मंदिर नहीं बनी तो आगे मुश्कल हो जाएगी। इस मामले में वे कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के राम मंदिर पर बयान के बाद से तो जैसे हिन्दू समाज भड़क ही गया है। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने साफ कहा कि अर्बन नक्सल में देश विरोधी ताकतें शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट के माननीय जज उन्माद फैला रहे हैं, अयोध्या के मामले में जब वह कहते हैं कि उनके पास समय नहीं है। तालकटोरा स्टेडियम में अखिल भारतीय संत समिति दो दिनों की बैठक में विचार हो रहा है।

धर्मदेश में संत विवादित जमीन पर राम मंदिर निर्माण को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। समिति धर्म से जुड़े हुए अन्य ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा करने के बाद एक प्रस्ताव पारित करेगी। इसके अलावा 30 अक्टूबर 1990 और 2 नवंबर 1990 को अयोध्या में पुलिस फायरिंग में मारे गए कार सेवकों की मौत पर शोक प्रकट किया जाएगा।

राम मंदिर निर्माण के लिए देश भर से 3 हजार साधु-संत ताल कटोरा स्टेडियम में जमा हुए हैं।

दिल्ली में चलने वाली दो दिनों की बैठक में राम मंदिर निर्माण को लेकर मंथन किया जाएगा। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के सुनवाई को लेकर भी चर्चा करेंगे। धर्मा देश में साधु-संत राम मंदिर निर्माण के लिए सरकार पर आदेश लाने के लिए मांग करेंगे।

 

 

राम मंदिर निर्माण को कानून ला सकती है सरकार : जस्टिस चेलमेश्वर

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

नई दिल्ली। राम मंदिर पर संसद में कानून बनाए जाने के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जे. चेलमेश्वर ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के बावजूद सरकार कानून बना सकती है। चेलमेश्वर ने कहा, इससे पहले भी विधायी प्रक्रिया द्वारा अदालती फैसलों में अवरोध पैदा करने के उदाहरण रहे हैं। न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने यह टिप्पणी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने को लेकर की जा रही मांग के संदर्भ में की है।

जस्टिस चेलमेश्वर ने यह टिप्पणी कांग्रेस पार्टी से जुड़े संगठन ऑल इंडिया प्रोफेशनल्स कांग्रेस (एआईपीसी) की आयोजित परिचर्चा में की।

संघ नेता भैयाजी जोशी ने शुक्रवार को राम मंदिर निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट की देरी को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे।

रामजन्म भूमि न्यास के मुखिया राम विलास वेदांती का बड़ा बयान  

लखनऊ। अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण कार्य को लेकर राम जन्मभूमि न्यास के मुखिया राम विलास वेदांती ने बड़ा दावा किया है।
उन्होंने कहा, अगर सरकार इस संबंध में अध्यादेश लेकर आती है तो ठीक है वरना आपसी सहमति से राम मंदिर का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम का मंदिर बनेगा और मस्जिद का निर्माण उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में किया जाएगा।

 

वर्ल्ड बैंक ने माना भारत का लोहा, अध्यक्ष जिम योंग किम ने फोन कर पीएम मोदी को दी बधाई

 

वर्ल्‍ड बैंक के अध्‍यक्ष ने पीएम मोदी को शुक्रवार 2 नवंबर को फोन किया और ईज ऑफ डूइंग के मामले में भारत की इस रैंकिंग पर खुशी जताई है.

 

नई दिल्ली : कारोबार करने के लिहाज से दुनिया में भारत की रैंकिंग लगातार सुधर रही है. ईज ऑफ डूइंग के मामले में भारत ने 23 अंकों की उछाल दर्ज की है. वर्ल्ड बैंक ने भी इस क्षेत्र में भी भारत का लोहा माना है. खुद वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष जिम योंग किम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर इस कामयाबी पर बधाई दी है. उन्होंने पीएम मोदी को शुक्रवार 2 नवंबर को फोन किया और ईज ऑफ डूइंग के मामले में भारत की इस रैंकिंग पर खुशी जताई है.

जिम योंग किम ने कहा, भारत जैसे देश के लिए ये बहुत सराहनीय है. 1.25 अरब की आबादी वाले देश ने 4 साल के अंदर 65 रैंक का सुधार कमाल की बात है. उन्होंने पीएम मोदी को बधाई देते हुए उनकी तारीफ की है.

इससे पहले पीएम मोदी ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में कारोबार सुगमता रैंकिंग में 23 अंक की छलांग पर कहा कि उनकी सरकार ने चार साल मों जो हासिल किया उसकी बहुत से लोगों को कल्पना नहीं रही होगी. इस दौरान भारत ने जो हासिल किया वह दुनिया के किसी भी देश ने हासिल नहीं किया है. कारोबार सुगमता रैंकिंग में भारत 2014 में 142 स्थान से छलांग लगाकर 77वें पायदान पर पहुंच गया.

प्रधानमंत्री ने कहा कि विश्व बैंक के कारोबार सुगमता सूचकांक में शीर्ष-50 में भारत को जगह मिलना अब ज्यादा दूर नहीं है. उन्होंने कहा कि नियम और प्रकियाओं में सुधार से छोटे एवं मझोले उद्यमों को आगे बढ़ने में मदद मिलेगी.

इंडिया टुडे SoS Bihar: बिना फैक्ट्री होगी बिहार की ग्रोथ: शरण

इस कार्यक्रम की शुरुआत बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन के स्वागत भाषण से होगी. दिनभर अलग-अलग सत्रों में बिहार सरकार में मंत्री, राज्य सरकार के जिला स्तर के अधिकारियों के अलावा उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी शिरकत करेंगे. कार्यक्रम में कई चर्चित लेखक, नेता और पत्रकार भी शामिल होंगे.

इंडिया टुडे SoS Bihar

राहुल मिश्र

पटना, 03 नवंबर 2018, अपडेटेड 14:29 IST

 

 

तीसरा सत्र: बिहार के आर्थिक बदलाव की कहानी और स्थिरता के उपाय

इंडिया टुडे SoS Bihar के अहम सत्र बिहार के आर्थिक बदलाव की कहानी और स्थिरता के उपाय  में राज्य के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी त्रिपुरारी शरण और राज्य ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन अजीत झा ने किया.

इस सत्र के दौरान शरण ने कहा कि अब अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने कहा कि ग्रोथ को बिना मैन्यूफैक्चरिंग के भी स्थिर रखा जा सकता है. लिहाजा यह कहना कि बिहार को तेज ग्रोथ सिर्फ फैक्ट्री का सहारा लेकर पाया जा सकता है.

वहीं प्रत्यय अमृत ने कहा कि राज्य में पॉवर सेक्टर की स्थिति को दुरुस्त करने में गेमचेंजर यह साबित हुए कि राज्य ने प्राथमिकता खस्ता हाल पड़े पॉवर सेक्टर के ढांचे को दिया. राज्य में कई-कई साल से ट्रांसफॉर्मर जले पड़े थे और कोई सुनवाई नहीं होती थी. राज्य ने पहले इन ट्रांसफॉर्मर को दुरुस्त करने के बाद अनकनेक्टेड गांवों में बिजली ले जाने की योजना पर काम किया. अब गांवों की बारी पूरी हो चुकी है तब राज्य सरकार टोले के स्तर पर गांवों को विद्युत सशक्तिकरण करने जा रहा है.

दूसरा सत्र: सांस्कृतिक पुनर्जागरण

इंडिया टुडे SoS Bihar के अहम सत्र सांस्कृतिक पुनर्जागरण: सिनेमा और कला में शोवना नारायण, युवा सामंत चौहान, राइटर डायरेक्टर अमिताभ वर्मा और डॉ. अजीत प्रधान ने शिरकत की.

कथक नृत्यांगना शोवना ने कहा- मुझे कई बार लोगों की इस सोच का सामना करना पड़ा कि आप बिहार की होकर क्लासिकल सिंगर कैसे हो सकती हैं. सब आश्चर्य करते हैं. जबकि पुराने समय की बात करें तो जितने भी क्लासिकल डांसर हुई हैं, वे बिहार से ही थीं. चाहे आम्रपाली हो या सालवती.

शोवना ने कहा- मैं इस तरह के परिवार से आती हूं, जहां डांसिंग का कोई बैकग्राउंड नहीं था, लेकिन फिर भी मेरे परिवार ने डांस को पेशे के रूप में चुनने में मेरी मदद की. 50 के दशक में ऐसा सोचना बड़ी बात थी. लेकिन समाज इसके उल्टा सोचता था. कैसे एक बिहारी डांस को प्रोफेशन चुन सकता है, लेकिन जब एक बार मैंने साबित कर दिया तो लोगों ने स्वीकार करना शुरू कर दिया.

शोवना ने कहा- बहुत कम लोग हैं जो बिहार की संस्कृति को समझते हैं. हर चीज की दो तस्वीरें होती हैं, लेकिन बिहार की हमेशा बुरी तस्वीर दिखाई जाती है.

पहला सत्र: बिहार के आर्थिक बदलाव की कहानी और स्थिरता के उपाय

इंडिया टुडे SoS Bihar के अहम सत्र बिहार की आर्थिक स्थिति में राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार, रत्नेश्वर मिश्रा, इतिहासकार और पीपी घोष, डायरेक्टर ऑफ एशियन डेवलपमेंट रीसर्च इंस्टीट्यूट ने शिरकत की. इस सत्र का संचालन इंडिया टुडे के रीसर्च एडिटर अजीत कुमार झा ने किया.

इस सत्र के दौरान संजय कुमार ने कहा कि बिहार ने बीते कुछ साल के दौरान बेहद निचले स्तर से आर्थिक तरक्की पकड़ी है. मौजूद समय में बिहार के विकास के लिए बेहतर गवर्नेंस और सरकार के निवेश से हो रहा है. संजय ने कहा कि सभी राज्यों का विकास हो रहा है लेकिन किसी राज्य में विकास की क्या रफ्तार है वह निर्णायक रहेगा. संजय ने कहा कि आज बिहार को गर्व है कि सभी गांवों में बिजली पहुंचाने का काम पूरा हो चुका है. संजय ने कहा बिहार ने विकास की रफ्तार एक दशक में पकड़ी है.

संजय ने कहा कि बिहारी के नाम पर देश में हो रही उलाहना को बंद किए जाने की जरूरत है. संजय ने बताया कि किस तरह से अन्य राज्यों में अधिकारियों की मुलाकात में भी बिहार एक मुद्दा है और लोग मानते हैं कि बिहार में कुछ हो ही नहीं रहा है. लिहाजा, बिहार के ब्रांड पर अब सुधार होना अहम है.

संजय ने कहा कि राज्य में आधी ग्रोथ टेलिकॉम, सरकारी कार्यक्रमों और होटल इत्यादि इंडस्ट्री से आ रही है. राज्य में महज 12 फीसदी शहरीकरण है और 88 फीसदी लोग ग्राणीण परिवेश में रह रहे हैं. इसके साथ ही राज्य पूरे देश में एक घनी पॉप्यूलेशन डेंसिटी वाले राज्यों में है. प्रति व्यक्ति लैंड को देखें तो राज्य के सामने चुनौती है कि वह राज्य में जमीन का इस्तेमान शहरीकरण के लिए करे अथवा उसे ग्रामीण रहने दे जिससे कम से कम लोग अपनी एग्रीकल्चर जरूरतों को पूरा कर सकें. ऐसी स्थिति में राज्य के सामने इंडस्ट्रिलाइजेशन करना भी बड़ी चुनौती.

इस सत्र के दौरान पीपी घोष ने कहा कि विकास की शुरुआत एग्रीकल्चर से होती है. घोष ने कहा कि बीते 20 साल के दौरान कम से कम 5 साल एग्री ग्रोथ निगेटिव रही है. हालांकि कुछ राज्यों की तरह बिहार में एग्रीकल्चरल ग्रोथ बहुत अच्छी रही है.

वहीं बिहार में आईटी सेक्टर की चुनौती पर घोष ने कहा कि बिहार में सड़क और पावर बड़ी चुनौती रही है हालांकि बीचे कुछ सासल के दौरान स्थिति ठीक हुई है. वहीं आईटी सेक्टर में स्टार्टअप के लिए बहुत अधिक लोगों की जरूरत नहीं होती वहीं खर्च भी धीरे-धीरे किया जा सकता है. लिहाजा, एक बेहतर इंफ्रा के बाद बिहार में इस क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया जा सकता है.

इस सत्र के दौरान रत्नेश्वर मिश्रा ने कहा कि राज्य में रोड और रेल नेटवर्क बेहतर हो रहा है. खासतौर पर सड़कों के जरिए गांवों को जोड़ा जा रहा है. लेकिन राज्य के सामने इन सड़कों के मेंटेनेंस पर ध्यान देने की जरूरत है. मिश्रा ने कहा कि मिथिलांचल को रोड और रेल नेटवर्क का फायदा पहुंच रहा है. मिश्रा ने कहा कि लंबे समय तक मिथिला को सिर्फ एग्री का सहारा था और तमाम चुनौतियों के बावजूद एग्री सेक्टर अच्छा कर रहा था.

इंडिया टुडे स्टेट ऑफ स्टेट्स बिहार का आगाज इंडिया टुडे ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर राज चेंगप्पा के स्वागत भाषण से हुआ. SoS Bihar  के मंच पर राज्य के गवर्नर लालजी टंडन मौजूद हैं.

राज्य के गवर्नर लालजी टंडन ने SoS Bihar के मंच से संबोधन हुआ. लालजी टंडन ने कहा कि देश के आर्थिक विकास को समझने के लिए स्टेट ऑफ स्टेट्स का मंच एक अहम पहल है. हालांकि टंडन ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि मीडिया को मौजूदा दौर में रोल निगेटिविटी से प्रभावित है. टंडन के मुताबिक 100 अच्छे काम मीडिया के हेडलाइन्स में जगह नहीं पाते लेकिन 1 गलत काम सुर्खियां बनती हैं.

लालजी ने कहा कि कुछ दिनों पहले बिहार एक बीमारू राज्य था और कई दोष यहां पैदा हो गए थे. टंडन ने कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अच्छा काम किया गया और अब राज्य इस श्रेणा से बाहर आ चुका है.

टंडन ने कहा कि सपन्नता से ही देश महान नहीं होता. बुरे दौर में भी देश ने महानता पाई है.

पूरी दुनिया को शिक्षा देने वाली यूनिवर्सिटी बिहार में रही. लेकिन अब किस रूप में बिहार की व्याख्या होती थी. बिहार के शासक ने यूनान की शक्ति को परास्त किया है. ज्ञान-विज्ञान में पूरी दुनिया बिहार का लोहा मानती है लेकिन हम उसपर गर्व नहीं करते. कूटनीति और अर्थशास्त्र का दुनिया में पहला विचारक कौटिल्य था. आज पूरी दुनिया इस बात को जानती है कि कौटिल्य बिहार से था.

स्टेट ऑफ स्टेट का मंच बिहार की राजधानी पटना में सज रहा है. दिनभर चलने वाले इस कॉन्क्लेव में SoS बिहार मंच पर राज्य में विकास की रफ्तार, उसके सामने मौजूद चुनौतियों समेत राज्य सरकार के आला मंत्री और अधिकारी और अन्य क्षेत्रों के खास लोग चर्चा करेंगे.

दिनभर चलने वाले इस कार्यक्रम की शुरुआत बिहार के राज्यपाल लालजी टंडन के स्वागत भाषण से होगी. दिनभर अलग-अलग सत्रों में बिहार सरकार में मंत्री, राज्य सरकार के जिला स्तर के अधिकारियों के अलावा उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी शिरकत करेंगे. कार्यक्रम में कई चर्चित लेखक, नेता और पत्रकार भी शामिल होंगे.

कार्यक्रम के अंत में स्टेट ऑफ स्टेट बिहार रिपोर्ट को लांच किया जाएगा. इसके अलावा अवॉर्ड सेरेमनी का आयोजन होगा. SoS Bihar अवार्ड राज्य के विकास में उत्कृष्ट योगदान करने वालों को दिया जाएगा.

शेष कार्यक्रम

स्टेट ऑफ स्टेट्स बिहार (SoS Bihar)

अशोका हॉल, होटल मौर्या (पटना )

3 नवंबर, शनिवार

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2.30 PM – 3.00 PM : जिलों में चुनौती को लेकर अलग-अलग डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की चर्चा   

3.00 PM – 3.30 PM : उत्तर बिहार पर चर्चा

वक्ता :   – संजय झा, जेडीयू नेता

-विवेक कुमार सिंह, राज्यपाल के प्रधान सचिव

– डॉक्टर रत्नेश्वर मिश्रा, प्रोफेसर, इतिहास

3.30 PM- 4.15 PM : बिहार के बदलाव में गुड गर्वेंनेस की भूमिका पर चर्चा

वक्ता – पवन वर्मा, लेखक- जेडीयू प्रवक्ता

– अरुण सिन्हा, लेखक

– दीपक कुमार, चीफ सेक्रेटरी, बिहार

– अंजनी कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार

4.15 PM – 4.45 PM : बिहार की इकोनॉमी पर उपमुख्यमंत्री  सुशील कुमार मोदी का संबोधन  

4.45 PM- 5.30 PM : समापन भाषण  

वक्ता – नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री

5.30 PM – 6.00 PM : अवॉर्ड सेरेमनी

 

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