अब ‘रोस्टर नीति’ में गलती नहीं देख रहे चीफ जस्टिस बने रंजन गोगोई

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Justice Ranjan Gogoi during the swearing in

चीफ जस्टिस बने रंजन गोगोई जस्टिस दीपक मिश्रा के समय रोस्टर नीति का किया था विरोध, पहले ही दिन जारी रोस्टर में अहम मामले खुद सुनने का किया ऐलान

नए चीफ जस्टिस के रूप में शपथ लेते न्यायमूर्ति रंजन गोगोई।Justice Ranjan Gogoi during the swearing in

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

नई दिल्ली। वह ठीक ही घटनाक्रम था कि जब तत्कालीन चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के मास्टर ऑफ रोस्टर व रोस्टर प्रणाली को लेकर सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कांफ्रेंस की थी, जिसमें देश के नए चीफ जस्टिस रंजन गगोई भी थे। बुधवार को थपथ ग्रहण के बाद चीफ जस्टिस गगोई ने कोर्ट का नया रोस्टर जारी कर दिया।

नए रोस्टर के मुताबिक जनहित याचिकाओं से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई वे खुद करेंगे। नया रोस्टर मुकदमों की श्रेणी के अनुसार बनाया गया है। यह भी साफ कर दिया गया कि रोस्टर तैयार करना चीफ जस्टिस का अधिकार है और वही मास्टर ऑफ रोस्टर हैं।

बहरहाल, नए रोस्टर में दूसरे नंबर के जज मदन बी. लोकुर को पीआईएल, वन संरक्षण, भूमि, जल, पेड़, पैरामिलिट्री फोर्स, सेना, खनन जैसे मामले सौंपे गए हैं। तीसरे नंबर के जज जस्टिस कुरियन जोसेफ को अवमानना, धार्मिक, पर्सनल लॉ, बैंकिंग, सरकारी ठेके, आपराधिक, श्रम, टैक्स, किराया, भूमि अधिग्रहण, सिविल, न्यायिक अधिकार, भूमि अधिनियम से जुड़े मामले दिए गए हैं।

जस्टिस अर्जन सीकरी को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कर, चुनाव और आपराधिक मामलों को सौंपा गया है।

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