बनारस में जन समंदर, जुटे 7 लाख लोग, …भागौ रे..हवा ख़राब हौ…

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पीएम मोदी का शक्ति प्रदर्शन पूर्वांचल की 50 सीटों पर सीधे डालेगी असर। 100 से अधिक बड़ें नेताओं की मौजूदगी बाकि बचे चुनाव की रूख मोड़ेगी? 

प्रियंका को बनारस से खड़ा न कर कांग्रेस के पलायन से बनारस में सिर्फ मोदी-मोदी। मेयर चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी से हारीं उम्मीदवार को मोदी सामने लाकर गठबंधन ने भी की चुनावी खानपूर्ति। 

राकेश तिवारी/ रिपोर्ट4इंडिया। 

वाराणसी। बनारस में मोदी के पक्ष में जनसैलाब उमड़ पड़ा है। बनारस से लगते बिहार व पूर्वांचल के सैकड़ों किमी. से गांव-गांव शहर-शहर से लोगों के हुजूम का बनारस की तरफ रूख करने से शहर की आबादी में करीब 20 फीसद का इजाफा हो गया है। जिधर देखों मुंड ही मुंड नज़र आ रहे हैं। लंका से लेकर अस्सी, भदौनी, सोनारपुरा, मदनपुरा सहित, भेलूपुर, गोदौलिया, नई सड़क, चौक के साथ गंगा के किनारे अस्सी घाट से लेकर दशाश्वमेघ घाट तक लोग ही लोग दिख रहे हैं। साफ है, काशी की यह हवा बताने के लिए काफी है कि पूर्वांचल एकबार फिर मोदीमय होने को बेताब है।

प्रधानमंत्री के रोड शो में एनडीए के बड़े नेता सहित भाजपा के डेढ़ सौ से बड़े नेताओं का जुटान यह बताने के लिए काफी है कि महागठबंधन के जाति-धर्म के सभी हथियार भोथरा हो जाएंगे। एनडीए के सभी तबके के नेता यहां जुट रहे हैं।

कांग्रेस के समर्थकों में प्रियंका को लेकर एक उम्मीद थी। परंतु, प्रियंका के मैदान से हट जाने के बाद जैसे पीएम मोदी के सामने कोई चुनौती ही नहीं रह गई है। पीएम बनने के बादमोदी ने वाराणसी के लिए जो कुछ किया उससे यहां के लोग बेहद उत्साहित हैं। उन्हें यकीन है कि मोदी के चलते वाराणसी की वह सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी जो दशकों से यहां के लोग भुगत रहे थे। बनारस हिन्दू विवि के इतिहास विभाग के प्रोफेसर राकेश पाण्डेय कहते हैं, इसमें कोई गुंजाइश नहीं की पीएम मोदी ने बनारस संरचनात्मक विकास को लेकर बड़ा काम किया है। पीएम होने की वज़ह से बड़े-बड़े प्रोजेक्ट यहां शुरू हुए। उत्तर प्रदेश में बीेजेपी की सरकार बनने के बाद विकास की गति में तेजी भी दिखाई दी। उन्होंने कहा, बनारस के लोग इसे महसूस करते हैं तो यकीन भी करते हैं।

बनारस वह शहर है जहां पूरे देश के लोग यहां अपने-अपने इलाकों में अपने-अपने रंग में रहते हैं। क्या उत्तर, क्या दक्षिण …सब बनारस में विलीन दिखता है। इसीलिए बनारस का पूरा संदेश पूर्वांचल में जाता है।

आपातकाल के बाद लोकसभा चुनाव के दौरान इंदिरा गांधी के विरोध में एक नारा बनारस की सड़कों और गलियों में गूजां करती थी, …भागौ रे हवा खराब है। आज यही स्थिति विपक्षी खेमों की दिखती है।

 

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