ये है …जिंदगी में जीत का यकीन  

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दिव्यांग अध्यापक की फोटो देख प्रसिद्ध उद्योगपति आनंद महिंद्रा बोले, संडे बन गया यह है पढ़ाई की ताकत के बारे में जोरदार संदेश

बच्चों को पढ़ाते दिव्यांग शिक्षक संजय सेन।sanjay-sen-taescher

रिपोर्ट4इंडिया ब्यूरो।

नई दिल्ली। हौंसला और कुछ कर गुजरने की चाहत जिंदगी को महान बना देती है। कई ऐसे लोगों को देखा गया है जो अपनी यकीनी और हौंसला से जीवन की विपरित से विपरित परिस्थितियों में मुकाम बना लेते हैं। महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिन्स ने दुनिया को जो प्रेरणा दी है उसका प्रतिफल समाज में दिखता है। ऐसे ही है, राजस्थान के अध्यापक संजय सेन। पैरों से फिजिकली चैलेंज्ड सेन के बच्चों को पढ़ाने की उनकी लगन देखने लायक है। कक्षा में पढ़ाने की उनकी एक फोटो सोशल मीडिया में देख देश के जानेमाने उद्योगपति आनंद महिंद्रा ने कहा कि उनकी तस्वीर देखकर ‘संडे बन गया।’ महिंद्रा ने संजय सेन के जीवन को सुगम बनाने के लिए मदद की पेशकश भी की है।

संजय सेन राजस्थान के एक सरकारी स्कूल में शिक्षा संबल योजना के तहत 2009 से पढ़ा रहे हैं। तस्वीरों से पता चलता है कि साधनों के अभाव और शारीरिक सीमाओं के बावजूद वो पूरी मेहनत से बच्चों को पढ़ा रहे हैं।

जब ये फोटो  पर आनंद महिंद्रा ने देखी तो उन्होंने ट्वीट किया, ‘कैसी अविश्वसनीय फोटो है, जिसने मेरा संडे बना दिया। ये पढ़ाई की ताकत के बारे में जोरदार संदेश देती है। मुझे नहीं पता कि उन्हें किसी डिवाइस की जरूरत है, लेकिन यदि है तो हम मदद करेंगे।’

आनंद महिंद्रा ने केसी महिंद्रा फाउंडेशन ट्रस्ट के प्रोजेक्ट नन्ही कली की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर शीतल मेहता से संजय सेन की मदद करने के लिए भी कहा. महिंद्रा ने शीतल मेहता से कहा, ‘हम मोबिलिटी के बिजनेस में हैं। क्या हम इन प्रेरणादायक अध्यापक को अधिक गतिशील बनाने में मदद कर सकते हैं।’

शिक्षा संबल योजना राजस्थान के अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, राजसमंद और उदयपुर जिलो में लागू है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट से ये पता नहीं लग पा रहा है कि संजय सेन की पोस्टिंग कहां है लेकिन यह साफ है कि उनके पास व्हील चेयर तक नहीं है और वो क्लास की फर्श पर ही किसी तरह ऊपर उठकर लगन से बच्चों को पढ़ा रहे हैं, हालांकि उनके पैर मुड़े होने कारण उन्हें बहुत दिक्कत हो रही है।

 

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